यूपी बोर्ड ने रजिस्ट्रेशन शुल्क किया ढाई गुना

इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के नाम से जाना जाने वाला देश का सबसे बड़े शिक्षा बोर्ड ने अपनी नियमावली में कुछ परिवर्तन करते हुए निर्देश जारी कर दिए हैं।

बोर्ड की  बैठक मुख्यालय में हुई। बैठक में छात्र-छात्राओं का पंजीकरण शुल्क बीस रूपये से बढ़ाकर पचास रूपये करने का निर्णय लिया गया और सर्वसम्मति से इसका प्रस्ताव पारित हो गया। इस पर शासन की मुहर लगने का इंतजार है, मुहर लगने के बाद अगले शिक्षा सत्र  से माध्यमिक विद्यालयों में लागू कर दिया जायेगा।
बजट की जरूरत महसूस की गई
बोर्ड के अधिकारियों के बैठक में सबसे अहम मुद्दा बजट का रहा। बैठक में कहा गया कि बोर्ड को चलाने के लिए बजट की जरूरत है। बार-बार शासन से पैसा मांगना पड़ता है। इससे बेहतर है कि पंजीकरण शुल्क पचास रूपये किया जाये और इसमें से बीस रूपये बोर्ड को और और बीस रूपये माध्यमिक विद्यालयों को तथा दस रूपये परीक्षा पर खर्च किये जायें। प्राविधिक कला के टीजीटी व पीजीटी के विषयों पर होने वाली परेशानी को भी दूर किया गया। हाईस्कूल व इण्टरमीडिएट की परीक्षा के बाद जो मामले विवादित होते हैं या परीक्षाफल में गड़बड़ी होती है उसको एक समिति बनाकर मई जून तक निस्तारित कर दिया जायेगा।

एक साथ रखे गए कई प्रस्ताव  नये पाठ्य क्रम को मिली मंजूरी

बोर्ड सचिव श्रीमती शैल यादव ने कई प्रस्ताव रखे, जिसमें से कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी और कई प्रस्तावों को शासन के पास मंजूरी के लिए भेज दिया जायेगा। इसमें एक प्रस्ताव यह भी है कि यदि कोई चपरासी पांचवी पास और नवीं पास है तथा उसकी उम्र 35 पार हो चुकी है तो उसको हाईस्कूल परीक्षा में शामिल करने की अनुमति दी जायेगी।
इस दौरान 11वी व 12वीं के अलग हुए पाठ्यक्रम को भी मंजूरी मिली। बैठक में माध्यमिक शिक्षा निदेशक-सभापति अमरनाथ वर्मा, यूपी बोर्ड सचिव श्रीमती शैल यादव, सचिव बेसिक शिक्षा संजय सिन्हा, सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी श्रीमती नीना श्रीवास्तव, जेडी महेन्द्र कुमार सिंह, अपर सचिव विनोद कृष्ण व राजेन्द्र प्रताप, क्षेत्रीय कार्यालय के अपर सचिव प्रमोद कुमार, रजिस्ट्रार नवल किशोर सहित बोर्ड के अन्य सदस्य शामिल रहे।

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