उ.प्र. मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का शुभारंभ, 4050 अनाथ बच्चों को ऐसे मिलेगी मदद

उ.प्र. मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का शुभारंभ करते हुए सीएम योगी ने कहा कोरोना के कारण निराश्रित हुए बच्चों के भरण-पोषण, शिक्षा और सुरक्षा के लिए सरकार बच्चों की मदद करेगी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’ (Uttar Pradesh Chief Minister Child Service Scheme) का शुभारंभ करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने कहा ’24 करोड़ लोगों का परिवार है, प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के साथ आपकी सरकार है, कोरोना के कारण निराश्रित हुए बच्चों के भरण-पोषण, शिक्षा और सुरक्षा के लिए सरकार बच्चों की मदद करेगी।

12,000 अग्रिम सहायता राशि

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कोरोना महामारी से बचाव हेतु यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समय-समय पर देश को मार्गदर्शन दिया। उनके नेतृत्व में इस सदी की सबसे बड़ी महामारी के विरुद्ध भारत पूरी प्रतिबद्धता के साथ न केवल लड़ रहा है, अपितु सफलतापूर्वक मुकाबला भी कर रहा है।कोरोना काल में माता-पिता या अभिभावक को खोने वाले बच्चों के पालन-पोषण व शिक्षा हेतु यूपी सरकार प्रतिबद्ध है। आज आदरणीय राज्यपाल महोदया के कर कमलों से 3 माह की अग्रिम सहायता राशि 12,000 निराश्रित बच्चों के खाते में हस्तांतरित हुई है। संकल्प है कि एक भी बच्चा निराश्रित न रहे। उन्होंने कहा संकल्प है कि एक भी बच्चा निराश्रित न रहे।

सीएम योगी ने कहा निराश्रित बच्चों की मदद के लिए सभी को आगे आना चाहिए। यदि आप जन्मदिन मनाते हैं तो प्रयास रहे कि किसी बाल संरक्षण गृह या आंगनबाड़ी केंद्र में जाकर बच्चों को गिफ्ट देकर उनके जीवन में पुनः खुशियां भरने का प्रयास करें। संवेदनशील होकर सामाजिक स्तर पर हमें ये प्रयास करने ही होंगे। संवेदनशील सरकार में कोई बच्चा स्वयं को निराश्रित कैसे महसूस कर सकता है। उन्होंने कहा कोरोना कालखंड में जिन बच्चों ने अपने माता-पिता या लीगल गार्जियन को खोया है, 18 वर्ष की आयु तक आपकी सरकार उनके लालन-पालन, शिक्षा व सुरक्षा का समुचित प्रबंध करेगी।

4050 बच्चे चिन्हित

सीएम योगी ने बताया कि प्रदेश में जो आंकड़े सामने आए उनमें मार्च 2020 से अब तक 240 बच्चे ऐसे थे जिन्होंने माता-पिता दोनो को कोरोना के कारण खोया है। 3,810 बच्चों ने माता, पिता या लीगल गार्जियन को खोया है। कुल 4050 बच्चे चिन्हित किए गए है। इन बच्चों के लिए आज पहले 3 महीने का यानी हर बच्चे को 4000 रुपये हर माह राज्य सरकार उपलब्ध कराएगी। 18 वर्ष की उम्र तक राज्य सरकार उनके लालन-पालन की व्यवस्था करेगी।

उन्होंने बताया कि वे बच्चे जिनके माता पिता या लीगल गार्जियन नहीं हैं तो उन्हें बाल संरक्षण गृह में या फिर हर कमिश्नरी मुख्यालय में हमारे 18 अटल आवासीय विद्यालय निर्माणाधीन हैं। यहां हम प्रदेश के उन सभी बच्चों को लेकर आने वाले हैं। मार्च 2020 के बाद भी अगर कोई महिला निराश्रित हुई है और पति या अपने लीगल गार्जियन को खो दी है तो उस महिला को भी हम एक नई स्कीम के साथ जोड़कर शासन की योजनाओं से आच्छादित कर सकेंगे। इसके लिए राज्य सरकार एक नई स्कीम लेकर आने वाली है।

‘जल संरक्षित तो कल सुरक्षित’… भूजल महत्व, संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति जन जागरूकता के लिए आयोजित भूजल सप्ताह का समापन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिस्सा लिया है।

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