ख़त्म हो रहा है अपराध, उत्तर प्रदेश में अब कानून का राज

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अजय कश्‍यप।

लखनऊ। खुद सोचिये, जो राज्य दुनिया के कई बड़े देशों के बराबर हो, उस राज्य की सुरक्षा व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त बनाये रखना कितनी बड़ी चुनौती है। उत्तर प्रदेश क्षेत्रफल और आबादी के लिहाज से अपने देश में भी सबसे बड़ा राज्य है। इतने बड़े राज्य में लोग अपने को सुरक्षित महसूस करें, अपराधियों को जेल में डाला जाये, समाज से क्राइम पूरी तरह समाप्त हो, इसके लिए जो गंभीरता और कोशिशें चाहिए होती हैं वो उत्तर प्रदेश की मौजूदा समाजवादी सरकार ने पूरी तरह से की हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कानून-व्यवस्था से जुड़े जो प्रयास किये हैं, योजनाएं लागू की हैं, उनका नतीजा सामने है कि प्रदेश में लोगों में सुरक्षा का भाव जगा है। सिर्फ यहाँ के लोगों में ही नहीं, बड़े औद्योगिक समूह भी उत्तर प्रदेश में सुरक्षा और कानून का माहौल देखकर बड़ा पूंजी निवेश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री का खुद कहना है कि राज्य सरकार द्वारा चलायी जा रही विभिन्न विकास योजनाओं जैसे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे, लखनऊ मेट्रो रेल, मार्गों के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण तथा जनहितकारी योजनाओं जैसे समाजवादी पेंशन योजना इत्यादि के लाभ का प्रभाव तभी दिखायी देगा, जब प्रदेश की कानून-व्यवस्था अच्छी होगी और लोग आसानी से अपने सभी व्यापार, काम तथा उद्योग-धन्धे कर सकेंगे। इसी सोच के साथ प्रदेश में कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने का कामयाब प्रयास किया गया।

अखिलेश यादव
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सभी पुलिसकर्मियों के मान-सम्मान का पूरा ध्यान रखते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया है

दुनिया के सबसे बड़े पुलिस बल को दिया सम्मान और प्रोत्साहन

प्रदेश में इस सुरक्षित माहौल के लिए अखिलेश यादव को पूरा श्रेय जाता है। क्योंकि 2012 में उत्तर प्रदेश में जब समाजवादी पार्टी की सरकार बनी थी, उससे पहले प्रदेश में कानून-व्यवस्था की हालत बहुत खराब थी। अपराधी बेख़ौफ़ थे। लोगों में डर बसा रहता था। यही वजह थी कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2012 में प्रदेश की जनता ने समाजवादी पार्टी को स्पष्ट बहुमत दिया। मुख्यमंत्री की कुर्सी सँभालते ही अखिलेश यादव के सामने बड़ी चुनौती थी कि अपराध और अपराधियों को काबू किया जाये। 2011 की जनगणना के अनुसार 19 करोड़ आबादी वाले उत्तर प्रदेश में प्रदेश की पुलिस सेवा को सिर्फ इस देश की ही नहीं, दुनिया की सबसे बड़ी पुलिस सेवा माना जाता है। इतने बड़े पुलिस बल को आत्मबल देना, सम्मान देना और अपनी ड्यूटी के लिए प्रोत्साहित करने का काम सबसे पहले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किया।अखिलेश सरकार ने पुलिस सुधार के लिए प्रशिक्षण और ढांचागत विकास पर ध्यान दिया है।

अखिलेश यादव
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पुलिस के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया है

सोशल मीडिया लैब की स्थापना, पुलिस सहायता के लिए ‘तत्पर’ मोबाइल फोन एप्लीकेशन, प्रदेश के सभी थानों में सीसीटीवी कैमरों की स्थापना, खोई वस्तु सेवा रिपोर्ट समेत पुलिस की कई ऑनलाइन सेवाओं की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पुलिस पर बड़ी जिम्मेदारी है। साथ ही, चुनौतियां भी बड़ी हैं। क्योंकि आधुनिक तकनीक और संचार साधनों के चलते अपराध के तरीके भी बदल गए हैं। इसका मुकाबला अत्याधुनिक तकनीक और संसाधनों को अपनाकर ही किया जा सकता है। समाज में सभी लोग चाहते हैं कि अपराध और बुरा काम करने वाले लोग जेल जाएं, इसके लिए पुलिस को उपलब्ध संसाधनों और सुविधाओं पर ध्यान देना होगा। उत्साह से भरे पुलिस कर्मियों ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को निराश नहीं किया। सब जी-जान से जुट गए।

बेहतर कानून-व्यवस्था की गवाही देते हैं आंकड़े

प्रदेश पुलिस के प्रयास, प्रतिबद्धता एवं संकल्प के कारण अन्य अपराधों के अतिरिक्त हत्या एवं महिला उत्पीड़न से सम्बन्धित अपराधों में उल्लेखनीय कमी आयी है। हत्या एवं महिला उत्पीड़न सम्बन्धी अपराध ऐसे हैं जिन्हें वर्तमान परिवेश में छुपा पाना संभव नहीं है। इसी अवधि में वर्ष 2013में हत्या के 4441, वर्ष 2014 में 4627, वर्ष 2015 में 4240 अपराध घटित हुए जो कि विगत वर्ष की अपेक्षा उल्लेखनीय रूप से -8. 36 प्रतिशत कम है। इसी प्रकार महिला से सम्बन्धित अपराधों में यथा दहेज मृत्यु में विगत वर्ष के सापेक्ष -5.13 प्रतिशत, बलात्कार में -11.31 प्रतिशत, छेड़खानी में -31.55 प्रतिशत व फिरौती के लिए अपहरण में अप्रत्याशित रूप से -12.90 प्रतिशत की कमी आयी है। यह अपराध वर्ष 2014 में वर्ष 2013 की अपेक्षा अधिक थे। इससे स्पष्ट है कि प्रदेश पुलिस द्वारा इन अपराधों में वर्ष 2013 व 2014 में स्वतंत्र रूप से शत प्रतिशत पंजीकरण तथा हत्या व महिला संबंधी अपराधों में कठोर एवं त्वरित कार्यवाही की गयी तथा विवेचनाओं के गुणवत्ता के स्तर में सुधार किया गया। जिसके परिणाम स्वरूप वर्ष 2015 में इन सभी अपराधों में काफी कमी आयी। मौजूदा 2016 में ये आंकड़े और भी बेहतर हुए हैं। हर किस्म के अपराध कम हुए हैं।

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डायल 100 सेवा से प्रदेश भर के लोग 24 घंटे क़ानूनी सहायता ले सकेंगे

लोगों की हर वक़्त मदद करेगी पुलिस

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पुलिस को आधुनिक, मजबूत बनाने तथा आम जनता को सुरक्षा की ज्यादा सुविधा देने के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण डायल 100 प्रोजेक्ट शुरू करने का निर्णय लिया।मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का दावा है कि राज्य सरकार द्वारा लागू की जा रही डायल ‘100’ सेवा प्रदेश की कानून-व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने में कारगर साबित होगी। 24 घंटे काम करने वाली यह परियोजना अपराधों के नियंत्रण एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने में ‘गेम चेंजर’ होगी। प्रदेश में डायल ‘100’ परियोजना को लागू करने के लिए देश-विदेश में संचालित ऐसी परियोजनाओं के अनुभवों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डायल ‘100’ परियोजना संचालित होने से प्रदेश की जनता में सुरक्षा को लेकर भरोसा और बढ़ेगा।

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अक्तूबर 2016 से डायल 100 सेवा का भवन चालू हो जायेगा, 10-15 मिनट में पुलिस आपकी जरुरत पर पहुँच जाएगी

डायल 100 सेवा

यह राज्य की अत्यन्त महत्वपूर्ण परियोजना है, जो एक साथ पूरे राज्य में लागू होगी।उत्तर प्रदेश की यह सेवा देश ही नहीं दुनिया की सबसे बड़ी पुलिस सेवा होगी। इसका कार्यालय शहीद पथ पर बन रहा है, जो अक्टूबर, 2016 तक आंशिक रूप से क्रियाशील हो जाएगा। प्रदेश के किसी भी स्थान से ‘100’ नम्बर पर काल करने पर पुलिस कालर तक 10-15 मिनट के अंदर पहुंच जाएगी और उसकी मदद करेगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए इसमें 25,000 कर्मचारी लगाए जाएंगे, जिन्हें प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
इस सेवा में एसपी, एसएसपी सहित नियमित पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका होगी। पूरी तरह विकसित होने के उपरान्त लागू होने पर यह एक विश्वस्तरीय सेवा होगी।इसके अंतर्गत प्रदेश के सभी 75 जनपदों में नगरीय तथा दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में निवास करने वाले सभी नागरिकों को जन सुरक्षा की आपातकालीन सेवाएं प्रदान की जाएंगी। इसका उद्देश्य लोगों को उच्च स्तर की आकस्मिक जन सुरक्षा सेवाएं उपलब्ध कराना है। यह परियोजना विश्व की सबसे बड़ी एकीकृत आपातकालीन सेवा होगी, जो प्रदेश के 75 जिलों, 689 शहरों व कस्बों और 1,07,452 गांवों में निवास करने वाली 22 करोड़ की जनसंख्या को आच्छादित करेगी। जन सुरक्षा के दृष्टिकोण से संचालित अन्य सभी सेवाएं जैसे फायर सर्विस, राजमार्ग पुलिस, एकीकृत यातायात प्रबन्ध, स्मार्ट सिटी सर्विलांस, महिला पावर लाइन जैसी योजनाओं को भी इसी केन्द्र से एकीकृत किया जाएगा। इसके अंतर्गत पुलिस बल के रिस्पान्सटाइम को भी निर्धारित किया गया है।

रिस्पान्स टाइम से करना होगा काम

शहरी क्षेत्रों के लिए दुपहिया वाहन द्वारा रिस्पान्स टाइम 10 मिनट, शहरी क्षेत्र में चार पहिया वाहन द्वारा रिस्पान्स टाइम 15 मिनट तथा ग्रामीण क्षेत्रों में चार पहिया वाहन के लिए 20 मिनट निर्धारित किया गया है। ‘राउण्ड द क्लॉक’ काम करने वाला यह केन्द्र एक वृहद ‘कान्टैक्ट सेण्टर’ के रूप में स्थापित किया जाएगा। प्रदेश के किसी भी क्षेत्र से नागरिक अपनी समस्याएं न केवल टेलीफोन के माध्यम से, बल्कि किसी भी अन्य संचार माध्यम जैसे एसएमएस, ई-मेल, सोशल मीडिया इत्यादि से दे सकेंगे। नागरिकों की कॉल्स को महिला काल आफिसर्स द्वारा रिसीव किया जाएगा, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों से पूरी संवेदनशीलता के साथ वार्ता कर उचित सहायता प्रदान की जा सके। नागरिक प्रदेश में बोली जाने वाली सभी आंचलिक भाषाओं, हिन्दी, अंग्रेजी तथा चिन्हित भाषाओं में वार्तालाप कर सकेंगे। दिव्यांगजन के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जाएंगी, ताकि वे अपनी समस्याएं सहज रूप से व्यक्त कर सकें।

पीड़ित लोड कर सकेंगे फोटो या वीडियो

इस केन्द्र में आने वाली सभी काल्स की रिकार्डिंग की जाएगी। आकस्मिक सहायता के लिए अनुभवी पुलिस अधिकारियों को प्रेषण अधिकारी के रूप में नियुक्त किया जाएगा। विशेष आकस्मिकताओं के लिए मुख्य प्रेषण अधिकारियों को नियुक्त किया जाएगा। इसके अंतर्गत पीड़ित किसी भी घटना की तस्वीरें तथा वीडियो अपलोड कर सकेंगे। स्थानीय थाने द्वारा इन अभिलेखों के आधार पर आवश्यक न्यायोचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पीड़ित व्यक्ति की मदद के उपरान्त काल सेण्टर द्वारा उसकी प्रतिक्रिया भी प्राप्त की जाएगी। उसके संतुष्ट होने के उपरान्त ही केन्द्र द्वारा प्रकरण को बंद किया जाएगा। इस केन्द्र में संकलित सूचनाओं/आंकड़ों का वैज्ञानिक रूप से विश्लेषण भी किया जाएगा।इस केन्द्र की स्थापना से नागरिकों का सशक्तिकरण भी होगा। पीड़ित व्यक्ति की समस्या को दर्ज किए जाने के संदर्भ में थाने के विवेकाधिकार की समाप्ति होगी और स्थानीय पुलिस के हस्तक्षेप के बिना घटना दर्ज होगी। इसके अंतर्गत नागरिकों द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्य का पुलिस द्वारा संज्ञान लिया जाना भी सुनिश्चित किया जाएगा।

हर एक गाड़ी पर लगेगा जीपीएस

डायल 100 योजना प्रदेश के सभी 75 जनपदों में लागू होगी। पुलिस को प्रभावी बनाने के लिए कुल 3200 गाड़ियां और 1600 बाइक की व्यवस्था इस परियोजना के माध्यम से की जा रही है। सभी गाड़ियों पर जीपीएस लगे होंगे। इससे कंट्रोल रूम को गाड़ियों को लोकेशन हर वक्त मिलती रहेगी। डॉयल 100 को भारतीय भाषाओं के अलावा पर्यटकों के लिए विदेशी भाषाओं और दिव्यांगों के लिए साइन लैंग्वेज में तैयार किया जाएगा। इस सेवा पर प्रतिमाह 1 रुपया प्रति व्यक्ति का खर्च हो रहा है।

अखिलेश यादव
वीमेन पॉवर लाइन 1090 ने महिलाओं को सुरक्षा देने के साथ मानसिक रूप से बहुत मजबूत किया है

वूमेन पावर हेल्पलाइन नंबर 1090 की ताकत

प्रदेश में महिला उत्पीड़न की घटनाओं को सख्ती से रोकने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वूमेन पॉवर लाइन 1090 की स्थापना की गयी है।वर्ष 2012 से यह सेवा निरन्तर कार्य कर रही है। महिला सशक्तीकरण की दिशा में वूमेन पॉवर लाइन ने अपनी एक अलग पहचान बनायी है।वूमेन पावर लाइन 1090 सेवा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए वर्ष 2014 में “Women Security App 1090” सेवा भी प्रारम्भ की गयी, जिसके अत्यन्त सकारात्मक परिणाम सामने आये हैं और इस सेवा से महिलाओं और लड़कियों में सुरक्षा की भावना बलवती हुई है।
कोई भी पीड़ित महिला या उसकी महिला रिश्तेदार अपनी शिकायत इस नंबर पर नि:शुल्क दर्ज करवा सकती है। शिकायत करने वाली महिला की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। पीड़िता को किसी भी हालत में पुलिस थाने या किसी आफिस में नहीं बुलाया जाता। हेल्पलाइन में हर हाल में महिला पुलिस अधिकारी ही पीड़िता की शिकायत दर्ज करेगी। महिला पुलिस कर्मी अपने वरिष्ठ पुरूष पुलिस कर्मियों को पीड़ित की केवल उतनी ही जानकारी या सूचना उपलब्ध करवाएगी, जो विवेचना में सहायक हो सके। कॉल सेंटर दर्ज शिकायत पर तब तक काम करता रहेगा जब तक उस पर पूरी कार्रवाई नहीं हो जाती। 7000 से ज्यादा फ़ोन रोज आते हैं।

ये योजनाएं कानून-व्यवस्था को और करेंगी मजबूत

स्मार्ट सिटी सर्विलांस

प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में बेहतर सुरक्षा एवं संरक्षा प्रदान किये जाने के उद्देश्य से स्मार्ट सिटी सर्विलांस योजना लागू की जायेगी, जिसके लिये प्रथम चरण में 50 करोड़ रूपये की धनराशि की व्यवस्था वित्तीय वर्ष 2015-16 में की गयी है। इसके अंतर्गत छह नगरीय क्षेत्रों क्रमशः मेरठ, आगरा, वाराणसी, गोरखपुर, इलाहाबाद एवं बरेली को योजना के प्रथम चरण तथा पांच-पांच अन्य नगरीय क्षेत्र भी दूसरे व तीसरे चरण में कुल 16 नगरीय क्षेत्र वर्तमान वित्तीय वर्ष 2015-16 हेतु चिन्हित किये गए हैं।प्रत्येक नगरीय क्षेत्र हेतु योजना की लागत 40 करोड़ रूपये है। इसके तहत सीसीटीवी सर्विलांस कैमरा, कमाण्ड एवं कंट्रोल सिस्टम की स्थापना की जायेगी। वीडियो मैनेजमेंट सिस्टम एवं वीडियो विश्लेषण की सुविधा होगी।

‘महिला सम्मान प्रकोष्ठ’का गठनअखिलेश यादव

महिला उत्पीड़न से संबंधित समस्त घटनाओं मे प्रभावी कार्यवाही हेतु प्रदेश सरकार द्वारा ‘‘महिला सम्मान प्रकोष्ठ’’ का गठन किया गया है, जिसका प्रभारी, वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारी को बनाया गया है। यह प्रकोष्ठ महानगर लखनऊ में खोला गया है।प्रकोष्ठ द्वारा महिलाओं की सभी शिकायतों, सूचनाओं आदि के पंजीकरण, पंजीकृत अभियोगो एवं जिले में हुई संगीन घटनाओं में की जा रही विवेचनात्मक कार्यवाहियों आदि का सतत अनुश्रवण कर प्रभावी एवं समयबद्ध कार्यवाही शुरु की गई है।
महिला सम्मान प्रकोष्ठ को भादवि के अन्तर्गत महिलाओं के विरुद्ध घटित अपराध की धाराओं, प्रोटेक्शन आफ चिल्ड्रेन फ्राम सेक्सुअल आफेन्सेस एक्ट (पाक्सो) , जूवेनाइल जस्टिस एक्ट, प्रिवेंशन आफ इमौरल एक्ट ट्रैफिकिंग एक्ट, सेक्सुअल हेरासमेन्ट एट वर्क प्लेस एक्ट, प्रोटेक्शन आफ वूमेन फ्राम डोमेस्टिक वायलेंस एक्ट, डावरी प्रोहिबीशन एक्ट के अन्तर्गत प्रदेश में रेलवे सहित घटित अपराधों का अनुश्रवण एवं प्रगति आंकलन किया जा रहा है। दहेज मृत्यु, बलात्कार, अपहृत महिला एवं बच्चों के एसआरकेसेज के अनुश्रवण एवं प्रगति का प्रभावी आंकलन भी इस प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी होगी। पुलिस विभाग की वेबसाइट पर महिला उत्पीड़न सम्बन्धी शिकायतों को अभिलिखित करते हुए प्रभावी निस्तारण की कार्यवाही इस प्रकोष्ठ द्वारा सुनिश्चित की जा रही है।

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सिग्नेचर बिल्डिंग के रूप में नवनिर्मित होने वाला यह पुलिस भवन गोमती नगर विस्तार योजना के सेक्टर – 7 में निर्मित कराया जा रहा है

सिग्नेचर बिल्डिंग

राज्य सरकार द्वारा प्रदेश की अपराध स्थिति पर प्रभावी नियंत्रण तथा कानून-व्यवस्था को और अधिक चुस्त– दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से एक ही स्थान पर पुलिस की विभिन्न शाखाओं को लाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए लखनऊ में बहुमंजिला पुलिस भवन बनाये जाने की मंज़ूरी दी गई है जिससे पुलिस की विभिन्न शाखाओ को आपस में सूचनाओ के आदान–प्रदान में तेज़ी आयेगी।सिग्नेचर बिल्डिंग के रूप में नवनिर्मित होने वाला यह पुलिस भवन गोमती नगर विस्तार योजना के सेक्टर – 7 में निर्मित कराया जा रहा है।इसके निर्माण से पुलिस की विभिन्न इकाइयों से संपर्क में लगने वाले समय में बचत व कार्य में सुगमता होगी।

पुलिस थानों एवं आवासीय भवनों का मानकीकरण

प्रदेश में आम जनता को बेहतर पुलिसिंग उपलब्ध कराया जाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए पुलिस विभाग को आधुनिक एवं इसके अधिकारी/कर्मचारियों की आवासीय व्यवस्था को बेहतर बनाये जाने की आवश्यकता है। इस क्रम में पुलिस विभाग के अर्न्तगत बहुमंजिला अनावासीय भवनों (सामान्य थाना के प्रशासनिक भवन, थाना भवन हेतु सर्विस ब्लाक) एवं आवासीय भवन टाइप-ए (टाइप-3) एवं टाइप-बी (टाइप-2) के 16 आवासों के एक-एक ब्लॉक निर्माण का मानकीकरण कराया गया है ।

@CMOfficeUP @UPGovt  samajwadiparty akhilesh yadav twitter account 

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