विपक्ष के हंगामे के बावजूद सदन में UPCOCA बिल पास

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट यानी यूपीकोका विपक्ष के विरोध के बावजूद पास हो गया। इस विधेयक पर सदन में चर्चा हुयी। इस बिल को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कई सकारात्मक पहलू रखे। उन्होंने इसे कानून व्यवस्था का माहौल दुरुस्त करने में अहम योगदान देने वाला बताया।


वहीं उन्होंने नेताओं को भरोसा भी दिलाया कि इस कानून का इस्तेमाल राजनीतिक हितों के लिए नहीं किया जायेगा। उन्होंने सभी से इस बिल का समर्थन करने की अपील की। लेकिन विपक्ष इस नए कानून से सहमत नहीं दिखी। उन्होंने इसे काला कानून बताया।

विपक्ष ने बिल के संबंध में संशोधन भी दिए, जिसे खारिज कर दिया गया। इसके विरोध में विपक्ष ने वाकआउट किया। हीं यूपी सरकार के मंत्री और प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने कहा कि यूपीकोका का विपक्ष ने साम्प्रदायिकरण किया। अपराधियों की कोई जाति या धर्म नहीं होता।

इससे पहले इस कानून को मायावती ने मुस्लिम दलितों, गरीबों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों का दमन करने वाला बताया है। सपा के नेता राम गोविंद चौधरी ने भी इसे अल्पसंख्यकों को डराने वाला बताया।  उनका आरोप था कि मुसलमान पोलिंग करने न जाए पाए इसलिए यूपीकोका लाया जा रहा है।

क्या है यूपीकोका

यूपीकोका के तहत संगठित अपराध जैसे अंडरवर्ल्ड से जुड़े अपराधी और उनको संरक्षण देने वालों, जबरन वसूली, फिरौती के लिए अपहरण, हत्या या हत्या की कोशिश, धमकी, उगाही सहित ऐसा कोई भी गैरकानूनी काम जिससे बड़े पैमाने पर पैसे बनाए जाते हैं, जैसे मामलों में यह एक्ट लागू होगा। इसमें पांच से लेकर 25 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। साथ ही तीन साल से लेकर उम्रकैद और फांसी तक की सजा हो सकती है। प्रदेश में लगातार बढ़ रहे अपराधों पर नियंत्रण में यह कानून काफी असरकारक होगा।

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