आखिर सामने आ ही गया यूपी के नए डीजीपी का नाम!

raipur-ASP-transfer-1433343982

लखनऊ। यूपी के डीजीपी जगमोहन यादव 31 दिसंबर को रिटायर हो रहे हैं। इसी के साथ ही यूपी का अगला डीजीपी कौन होगा? इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं। किसकी दावेदारी मजबूत है? कौन सरकार के कितने करीब है और कौन सपा सुप्रीमों मुलायम सिंह यादव का बेहद करीबी आईपीएस रहा है? इन तमाम सवालों के बीच 31 दिसंबर को अगले डीजीपी का नाम सामने आने का इंतजार भी हो रहा है। फिलहाल सत्ता के गलियरों में यूपी के डीजीपी के लिए जिन तीन नामों में से किसी एक पर मुहर लगती दिख रही है उनमें आईपीएस विजय कुमार, प्रवीण सिंह और जावीद अहमद का नाम है।

मुलायम के करीबी हैं विजय कुमार

इस रेस में विजय कुमार का नाम सबसे आगे माना जा रहा है क्योंकि विजय कुमार सपा सुप्रीमों मुलायम सिंह के बेहद करीबी कहे जाते हैं। डीजीपी की रेस में प्रवीण सिंह और जावीद अहमद की भी दावेदारी कम नही हैं लेकिन उनकी लंबी सेवा अवधि उनके डीजीपी बनने की राह में रोड़ा अटका रही हैं। सूबे के सीनियर आईपीएस रंजन द्विवेदी को दो बार दरकिनार करके जूनियर आईपीएस को डीजीपी बनाने से उनके डीजीपी बनने की राह आसान नहीं दिख रही है। पिछली बार ही रंजन द्विवेदी के डीजीपी बनने के पूरे संकेत थे लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इस बार यह देखना होगा कि क्या मुख्यमंत्री अखिलेश यादव डीजीपी के लिए सिनियरिटी को या प्रोक्सिमिटी को तवज्जो देते हैं।

पढ़ें: जगमोहन 31 को रिटायर, सुप्रीम कोर्ट जाने पर रुख साफ नहीं

फिलहाल ये आईपीएस हैं डीजीपी की लाइन में

वरिष्ठïता के आधार पर देखा जाए तो सूबे में 1979 बैच के आईपीएस रंजन द्विवेदी, 1980 बैच के सुलखान सिंह, 1981 बैच के विजय सिंह हैं। इसके बाद साल 1982 बैच के तीन आईपीएस विजय कुमार गुप्ता, प्रवीण सिंह और सूर्यकुमार शुक्ला का नंबर आता है। 1983 बैच के आईपीएस राजीव राय भटनागर, ओमप्रकाश सिंह, 1984 बैच के पांच आईपीएस डीजीपी बनने की अर्हता रखते हैं। पिछली बार की तरह तमाम कयासों को धता बताते हुए अखिलेश यादव ने साल 1984 बैच के आईपीएस जगमोहन यादव को डीजीपी बना दिया था।

अखिलेश सरकार में नौवां डीजीपी

विधान सभा चुनाव के दौरान आयोग ने पुलिस महानिदेशक के रूप में बृजलाल को अपदस्थ कर अतुल को नया पुलिस महानिदेशक बनाया गया। लेकिन सपा सरकार के सत्ता में आने के बाद ही 19 मार्च को अतुल को हटाकर एसी शर्मा को नया डीजीपी बनाया गया। इसके बाद देवराज नागर, रिजवान अहमद, आनंद लाल बनर्जी, अरुण कुमार गुप्ता, अरविंद कुमार जैन और जगमोहन यादव डीजीपी बने। बताते चलें कि अपने कार्यकाल के दौरान अस्वस्थ रहने वाले आनंद लाल बनर्जी अखिलेश सरकार के सबसे ज्यादा समय तक डीजीपी रहने वाले आईपीएस बने।

 

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button