यूपी: धनतेरस में माटीकला प्रदर्शनी में खरीददारों की बहार

अपर मुख्य सचिव एवं महाप्रबन्धक, माटीकला बोर्ड, डा नवनीत सहगल ने बताया कि सरकार स्वदेशी को बढ़ावा देने के साथ ही सुदूर ग्रामीण अंचलों में ग्रामीणों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए बेहद संवेदनशील है.

लखनऊ: उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड द्वारा खादी भवन में आयोजित माटीकला प्रदर्शनी में गुरूवार को मिट्टी के उत्पादों की भारी बिक्री हुई और शाम पांच बजे तक लगभग 10.27 लाख रुपये के उत्पाद बिक चुके है. इसके साथ प्रदर्शनी में आज तक 35.31 लाख से अधिक की खरीदारी हो चुकी है.

अपर मुख्य सचिव एवं महाप्रबन्धक, माटीकला बोर्ड, डा नवनीत सहगल ने बताया कि सरकार स्वदेशी को बढ़ावा देने के साथ ही सुदूर ग्रामीण अंचलों में ग्रामीणों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए बेहद संवेदनशील है. इसी परिप्रेक्ष्य में मिट्टी से जुड़े कारीगरों के जीवन में वांछित सुधार लाने और प्रदेश की गौरवशील पारंपरिक कला संरक्षित करने की दिशा में ठोस कदम उठाते हुए जगह-जगह मेले एवं प्रदर्शनियों का आयोजन किया जा रहा है.

प्रदर्शनी में प्रतापगढ़ से आये शिल्पकार भक्ति प्रसाद ने बताया कि उनके द्वारा तैयार किये गये गाय के गोबर से निर्मित विभिन्न आकार के दीये की लोगों में काफी मांग रही, जिससे वे काफी उत्साहित है. इन दीयों की विशेषता यह है कि जहाँ इसका इस्तेमाल दीप जलाने में करते है, वहीं इन्हें पुनः रिसाइकिल करके खाद के रूप में इसका प्रयोग कर सकते है. इसके अतिरिक्त आजमगढ़ की ब्लैकपाॅटरी, खुर्जा के मिटटी निर्मित कुकर तथा कढ़ाई, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियाँ, डिजाइनर दीये, गोरखपुर का टेराकोटा उत्पाद, पानी बोतल आदि लोगो द्वारा खूब पसन्द किये जा रहे है.

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