UP: प्रवासी मजदूरों के लिए योगी सरकार का फरमान, क्वारंटीन गाइडलाइन जारी

उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव ने प्रदेश में प्रवासी मजदूरों के लौटने पर उन्हें क्वारंटीन करने को लेकर दिशानिर्देश जारी किए है

लखनऊ: देश में कोरोना वायरस (Corona virus) की दूसरी लहर बेहद ही खतरनाक साबित हो रही है। जिसकी आगोश में श्मशान घाट पर लाशों की ढेर लग चुकी है। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में भी अब कोरोना की स्थिति घातक साबित हो रही है। आए दिन कई लोग कोरोना वायरस से संक्रमित होते ही जा रहे हैं। कोरोना पॉजिटिव आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए COVID-19 पर टीम-11 के अधिकारियों के साथ बैठक की है।

मजदूरों के लिए दिशानिर्देश

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) ने प्रदेश में प्रवासी मजदूरों के लौटने पर उन्हें क्वारंटीन करने को लेकर दिशानिर्देश जारी किए है। लक्षण वाले जो व्यक्ति संक्रमित नहीं पाए जाते उन्हें 14 दिन और बिना लक्षण वाले लोगों को 7 दिन के लिए होम क्वारंटीन में भेजा जाएगा।

प्रशासन के द्वारा स्क्रीनिंग

प्रवासियों के आगमन के पश्चात जिला प्रशासन के द्वारा उनकी स्क्रीनिंग करायी जाएगी। स्क्रीनिंग पर किसी भी प्रकार के लक्षण पाए जानें पर इन्हें क्वारंटाइन में रखा जाएगा। तथा जांच कराने के पश्चात यदि वह संक्रमित पाया जाता है तो उसे यथावश्यक कोविड अस्पताल या घर पर आइसोलेट किया जाएगा। जो लक्षण वाले संक्रमित नहीं पाये जाते है, उन्हें 14 दिनों के लिए होम क्वारंटाइन में भेज दिया जायेगा। लक्षणविहीन व्यक्ति 7 दिनों तक होम क्वारंटाइन में रहेंगे।

जनपद में पहुंचने के पश्चात् यह सुनिश्चित किया जायेगा कि प्रत्येक प्रवासी मजदूर की स्क्रीनिंग के साथ-साथ पता एंव मोबाइल नंबर सहित लाईन-लिस्टिंग तैयार किया जाएगा। जनपद में पहुंचने के बाद प्रवासी व्यक्तियों के जनपद में स्थापित क्वारंटाइन सेंटर में आगमन पर प्रभारी द्वारा इन व्यक्तियों के नाम, पता और मोबाइल नंबर आदि संपूर्ण विवरण अंकित करने हेतु अनिवार्य रूप से एक रजिस्टर बनाया जाएगा। इस रजिस्टर में आक्षय स्थल में आने वाले एंव आश्रय स्थल से जानें वाले हर एक प्रवासी मजदूर का संपूर्ण विवरण दर्ज किया जाएगा।

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