विधानसभा में पास हुआ यूपीकोका बिल, सीएम योगी बोले-जनता की बेहतरी के लिए यह कानून जरुरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट यानी यूपीकोका बिल विधानसभा में पास हो गया है। हालांकि इससे पहले ये बिल पास नहीं हो पाया था। मंगलवार को एक बार फिर सरकार ने इसे विधानसभा में रखा जिसके बाद ध्वनिमत से पास कर दिया गया। अब राज्यपाल के अनुमोदन के बाद ये पूरे प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा।

यूपीकोका

इस बिल को विधानसभा में रखते हुए सीएम योगी ने कहा कि पिछली बार किन्ही कारणों से विधान परिषद ने ये बिल पास नहीं किया। विधानसभा में सरकार दोबारा इस बिल को दोबारा रख रही है। सीएम योगी ने इस बिल की जरुरत पर बल दिया।  उन्होंने कहा कि प्रदेश में बढ़ रहे अपराध को रोकने के लिए इस कानून की जरुरत है।

उन्होंने कहा कि हम एक बार फिर जनता की सुरक्षा के हित में यूपीकोका को लाए हैं। यूपी की सीमा खुली हुई हैं, उनकी सुरक्षा के लिए एक कानून की जरूरत है ताकि आम जनमानस की सुरक्षा की गारंटी भी दे सके। उन्होंने कहा कि अभी तक जो प्रयास सरकार ने किए उसके परिणाम अच्छे आए हैं।

सीएम योगी ने कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए कठोर कानून की ज़रूरत है। पिछले एक साल में त्यौहार शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुए। पहले लोग त्यौहार आते ही भययुक्त हो जाते थे। विधानसभा में सीएम योगी ने कहा कि जनता की सुरक्षा के लिए चलायी जा रही 100 की गाड़ियां वसूली के लिए कुख्यात हो चुकी थीं। उनकी जवाबदेही तय की गई।

मौजूदा समय में अप्रध पर नियंत्रण लगा है। पुलिस ने अपनी भूमिका का सही निर्वहन किया है। सीएम ने कहा कि यूपी में पिछले 1 साल में शांतिपूर्ण ढंग से पर्व और त्यौहार मनाए गए। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले पर्व और त्यौहार लोगों में भय पैदा करते थे, लोगों में डर रहता था कि पता नहीं क्या हो जाए।

उन्होंने बताया कि हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि अपराध पर लगाम लगे थानों का आधुनिकरण किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि विपक्ष को भी बोलने का अधिकार है। इन्हें भी जनता ने चुनकर यहां भेजा है लेकिन अपराधियों का महिमा मंडान करने से स्थिति बिगड़ेगी।

इस दौरान सपा विधायक डॉ संग्राम सिंह ने कहा कि सरकार यूपीकोका बिल विपक्ष को डराने के लिए ला रही। यह एक काला कानून है, जिससे मानवाधिकार का हनन होगा।  सदन में हमने इस कानून का विरोध किया है।

क्या है यूपीकोका

यूपीकोका के तहत संगठित अपराध जैसे अंडरवर्ल्ड से जुड़े अपराधी और उनको संरक्षण देने वालों, जबरन वसूली, फिरौती के लिए अपहरण, हत्या या हत्या की कोशिश, धमकी, उगाही सहित ऐसा कोई भी गैरकानूनी काम जिससे बड़े पैमाने पर पैसे बनाए जाते हैं, जैसे मामलों में यह एक्ट लागू होगा। इसमें पांच से लेकर 25 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। साथ ही तीन साल से लेकर उम्रकैद और फांसी तक की सजा हो सकती है। प्रदेश में लगातार बढ़ रहे अपराधों पर नियंत्रण में यह कानून काफी असरकारक होगा।

 

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