वकील की पिटाई से भड़के बीसीआई अध्यक्ष, CJI से करेंगे यूपी पुलिस की शिकायत

नई दिल्ली, भारतीय विधिज्ञ परिषद (बीसीआई) ने उत्तर प्रदेश के एटा में पुलिसकर्मियों द्वारा एक वकील को घर से खींचकर उसकी निर्मम पिटाई को ‘खुल्लमखुल्ला गुंडागर्दी’ करार देते हुए इसकी शिकायत भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) से करने का निर्णय लिया है।

बीसीआई के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा की ओर से शनिवार को जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि वायरल हो रहे वीडियो के अनुसार, एटा में कुछ दिन पहले पुलिसकर्मियों द्वारा एक वकील को उसके घर से खींचकर उसकी निर्मम पिटाई की घटना खुल्लमखुल्ला गुंडागर्दी है और कानून-व्यवस्था के रक्षकों से ऐसी अपेक्षा कतई नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं पश्चिम बंगाल और बिहार में घटित हुई थीं। इस तरह की पुलिसिया कार्रवाई किसी खतरनाक अपराधी के साथ भी नहीं की जाती।

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मनन मिश्रा ने कहा, “काउंसिल ने सीजेआई और इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को इस मामले में हस्तक्षेप का आग्रह करने का निर्णय लिया है, ताकि दोषी पुलिसकर्मियों की पहचान करके उन्हें तत्काल निलंबित करने, तबादला करने और उन्हें सेवा से मुअत्तल करने का निर्देश उत्तर प्रदेश सरकार को दिया जा सके। वीडियो क्लिप बर्बर कार्रवाई की स्वत: गवाही देती है।”

नजरअंदाज करेगी न्यायपालिका और सरकार तो सड़क पर उतरेंगे वकील

बीसीआई अध्यक्ष ने कहा कि यदि न्यायपालिका और सरकार वकीलों या आम आदमी पर भी इस तरह की कार्रवाइयों को नजरंदाज करेगी तो देश के वकीलों के पास सड़क पर उतरने के अलावा कोई चारा नहीं होगा। बीसीआई ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी इस बाबत पत्र लिखकर उचित कार्रवाई की मांग का निर्णय लिया है। काउंसिल की बैठक के दौरान अदालतों में वर्चुअल सुनवाई को स्थायित्व प्रदान किये जाने के फैसले के विरोध का प्रस्ताव भी पारित किया गया। काउंसिल का कहना है कि इस तरह का प्रस्ताव न्यायिक प्रक्रिया को बड़े लॉ फर्म की जेब में डालने का प्रयास है।

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