कीर्ति पर बीजेपी में तकरार, जोशी के घर मार्गदर्शक मंडल की बैठक

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2014_5img30_May_2014_PTI5_30_2014_000179B6-600x338नई दिल्ली। डीडीसीए घोटाले में वित्‍त मंत्री अरुण जेटली पर सवाल खड़े करने वाले भाजपा सांसद कीर्ति आजाद को लेकर पार्टी में आपसी विवाद शुरू हो गए हैं। इसको लेकर बीजेपी के मार्गदर्शक मंडल की बैठक मुरली मनोहर जोशी के घर पर की जा रही है। वरिष्‍ठ नेता लाल कृष्‍ण आडवाणी भी बैठक में हिस्‍सा लेने के लिए पहुंच चुके हैं।

बैठक से ये खबरें भी सामने आ रही हैं कि मार्गदर्शक मंडल के कुछ सदस्य डीडीसीए घोटाले की जांच के पक्ष में है। केंद्र सरकार से मार्गदर्शक मंडल ने घोटाले की जांच के आदेश देने की मांग की है। आपको बता दें कि बीजेपी के तमाम बुजुर्ग और बड़े नेता इस मार्गदर्शक मंडल के सदस्य हैं।

बीजेपी के मार्गदर्शक मंडल में कुल पांच सदस्य हैं जिनमें पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी, पूर्व मानव संसाधन विकास मंत्री मुरली मनोहर जोशी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह राज्य मंत्री राजनाथ सिंह के नाम शामिल हैं।

इससे पहले कीर्ति आजाद ने कहा था कि उनकी लड़ाई पार्टी से बाहर की है और वो हमेशा भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ते हैं। उन्होंने अपनी दृढ़ता को बताने के लिए ये भी बताया कि वे बिहार के पूर्व सीएम भगवत आजाद के बेटे हैं जिन्होंने हमेशा भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ी। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कीर्ति आजाद ने पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की कविता की भी लाइनें पढ़ीं। हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगा।

डीडीसीए के घोटाले को उजागर करने वाले सांसद ने कहा कि वे अपने पार्टी अध्यक्ष से ये जानना चाहेंगे कि आखिर उन्हें क्यों सस्पेंड किया गया है। कोई खास कारण तो बताया जाए। कीर्ति आजाद ने कहा कि अध्यक्ष जी मुझे बताएं, मेरी ग़लती क्या है। मैंने पार्टी के बारे में कुछ नहीं बोला है। ये मामला डीडीसीए का है। इससे बीजेपी का क्या लेना-देना है। इस मामले में मोदी जी और मार्गदर्शक मंडल को भी हस्तक्षेप करना चाहिए।

सस्पेंड किए जाने पर कीर्ति आजाद ने पार्टी से पूछा कि पार्टी बताए मैंने कहां गलती की। मैं बीते 9 साल से डीडीसीए के भ्रष्टाचार को उठाता रहा हूं। और इसको मैंने कभी भी पार्टी का माध्यम नहीं बनाया। इसे मैं पार्टी के बाहर लड़ रहा था। मैं जानना चाहता हूं कि क्या मुझे डीडीसीए के भ्रष्टाचार उठाने पर सस्पेंड किया गया है?

पार्टी को घेरते हुए कीर्ति आजाद ने आगे पूछा कि क्या डीडीसीए का मुद्दा भी पार्टी का मुद्दा है? तब तो बीसीसीआई भी पार्टी का मामला है। कीर्ति आजाद ने कहा कि पार्टी ने जो नोटिस दिया है उसके जवाब के ड्राफ्ट बनाने में उनकी मदद बीजेपी के सांसद सुब्रमण्यम स्वामी करेंगे।

आपको बता दें कीर्ति आजाद का आरोप है कि वित्त मंत्री अरुण जेटली के डीडीसीए अध्यक्ष रहते वहां भारी घोटाला हुआ। उस घोटाले की जांच सीबीआई से कराई जाए। जबकि बीजेपी उनसे इस मुद्दे पर चुप रहने की नसीहत देती रही है।

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