मदन कौशिक को गार्ड ऑफ ऑनर देने पर मचा बवाल, पुलिस ने बताया गलतफहमी

उत्तरखंड: राज्य में जब से नए सीएम पद का भार संभाला है। तब से कोई न कोई नया विवाद खड़ा हो रहा है। नए सीएम तीरथ सिंह रावत के महिलाओं के पहनावे वाले बयान के बाद अब मदन कौशिक को लेकर विवाद छिड़ गया है। मदन कौशिक के सरकारी हेलीकाप्टर और गार्ड ऑफ ऑनर देने पर बवाल मचा हुआ है।

मदन कौशिक को गार्ड ऑफ ऑनर

भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त अध्यक्ष मदन कौशिक को उत्तराखंड पुलिस ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया है। जिसके बाद बवाल मच गया है। हालांकि बागेश्वर डीआईजी ने इसे ‘गलतफहमी’ बताया। लेकिन फिर भी मामला शांत नहीं हो रहा है।

विपक्ष ने बताया सरकारी धन का दुरुपयोग

BJP प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के सरकारी हेलीकाप्टर से आने पर विपक्ष सरकार पर निशाना साध रहा है। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने कहा कि यह सरकारी धन का दुरुपयोग है। BJP को जनता के टैक्स को इस तरह से खर्च नहीं करना चाहिए। हरीश ऐठानी ने कहा कि प्रदेश सरकार को इस मामले पर माफी मांगनी होगी

किसको मिलता है गार्ड ऑफ ऑनर

गार्ड ऑफ ऑनर एक सम्मान है जो किसी महत्तवपूर्ण व्यक्ति के आगमन पर दिया जाता है। एक अधिकारी के मुताबिक, गार्ड ऑफ ऑनर राज्यपाल, मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री, प्रभारी मंत्री को दिया जाता है। इसके अलाव इसके आलावा सैनिकों को दिए जाने वाले अंतिम विदाई को भी कई बार गॉर्ड ऑफ ऑनर कहा जाता है। ये सभी प्रक्रिया प्रोटोकॉल के तहत होती है।

SP ने दी सफाई

बागेश्वर एसपी अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक को गार्ड ऑफ ऑर्नर देने में पुलिस लाइन में गलती हुई है। पुराने आदेश के तहत उन्हें कैबिनेट मंत्री समझ लिया गया। नए आदेश में मैंने सुरक्षा व्यवस्था की बात लिखी था। उसके बावजूद गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने की जांच होगी और लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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