4 साल में 2 बार UPSSSC का JE भर्ती नोटिफिकेशन, आज तक नहीं हुई परीक्षा, बेरोज़गार छात्र आक्रोशित

हजारों की संख्या में छात्र कल की सुबह से ही अधीनस्थ सेवा चयन आयोग यूपी ट्रिपल एससी कार्यालय पिकअप भवन पर एकत्र हुए और शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार जहाँ नौकरियों के बड़े-बड़े वादे करते नहीं थकती वहीँ छात्रों द्वारा बेरोज़गारी को लेकर धरना प्रदर्शन सरकार के दावों की पोल खोलते नज़र आ रहे है। पिछले कई सालो से सरकारी नौकरियों को लेकर नोटिफिकेशन तो दिया गया लेकिन न भर्ती परीक्षा हुई और ना ही भर्ती। जिसको लेकर हजारों की संख्या में छात्र कल की सुबह से ही अधीनस्थ सेवा चयन आयोग UPSSSC कार्यालय पिकअप भवन पर एकत्र हुए और शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।

छात्रों ने प्रदर्शन के दौरान बताया आखिरी बार अवर अभियंता चयन परीक्षा 2015 में कराई गई थी, जिसके बाद साल 2016 से 18 में अलग-अलग दो नए नोटिफिकेशन जारी किए गए, परंतु उनके लिए आज तक परीक्षा का आयोजन नहीं कराया गया। प्रदेश के सभी जनपदों से आए छात्रों का कहना है इससे पहले भी छात्रों ने कई बार प्रदर्शन किया है लेकिन हर बार उन्हें आश्वासन देने के बाद आयोग ने उनकी मांगों को लेकर कोई कार्यवाही नहीं की है।

दूसरी तरफ आयोग का कहना है कि भर्ती में स्वर्ण आरक्षण लागू करने को लेकर असमंजस की स्थिति है जिसके लिए वह स्पष्टीकरण का इंतजार कर रहा है। जो शासन स्तर पर विचाराधीन है, वहीं छात्रों का आरोप है कि यह बहाना आयोग पिछले 6 महीने से बना रहा है उनका कहना है कि आयोग लगातार नियुक्तियों को गलत एवं भ्रामक डाटा शासन को पेश कर रहा है। अतः छात्रों ने मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी से इस मामले का संज्ञान लेने की अपील की है कि वह इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों को तलब करें और उन्हें अवर अभियंता भर्ती के छात्रों की मांग को अति शीघ्र पूरा करने हेतु निर्देशित करें जिससे लगभग 5 वर्षों से भटक रहे इन युवाओं को मानसिक अवसाद से छुटकारा मिल सके।

यूपी में UPSSSC से JE भर्ती

यूपी में UPSSSC से JE भर्ती के लिये 2018 में भर्ती का नोटिफेकेशन जारी हुआ, इससे पहले 2016 में भी ठीक इसी तरह का नोटिफिकेशन जारी किया गया था। पर आज तक इनकी परिक्षा की तिथि आयोग जारी नहीं कर पाया है। जिसके बाद आयोग से त्रस्त आक्रोशित बेरोजगारों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष में बेरोजगार दिवस मनाया था। आनन फानन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासन को 6 महीने के भीतर पिछ्ली रिक्तियों को भरने का आदेश जारी किया था। लेकिन उसके बाद भी इन छात्रों को सड़को पर भटकना पद रहा है। EWS के 10% आरक्षण जैसी तमाम पेंचों में फसी इस भर्ती के कारण लाखों युवा मानसिक तनाव में हैं। छात्रों के प्रदर्शन अब मुख्यमंत्री योगी के सभी झूठे दावों की पोल खोलते नज़र आ रहे हैं।

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