सावधान! यहां एक मच्छर ने रोक दिया बच्चों का जन्म

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ब्राजील सरकार ने महिलाओं से फिलहाल गर्भवती न होने की अपील की है। सरकार ने यह कदम एक मच्छर जनित वायरस के फैलने के कारण उठाये हैं जिसके चलते नवजातों में अविकसित मस्तिष्क के मामलों की बाढ़ आ गयी है। जिका वायरस के चलते नवजातों के सिर असामान्य रूप से छोटे हो रहे हैं और मस्तिष्क का पूर्ण विकास नहीं हो पा रहा है। 2014 में इस बीमारी के 147 मामले सामने आए थे लेकिन 2015 में 2400 मामले सामने आए हैं।

जिका वायरस से है खतरा

वैज्ञानिकों ने लातिन अमेरिका से आए जिका वायरस और माइक्रोसिफेली नामक इस बीमारी के बीच सम्बन्ध देखने के बाद जोड़ों को गर्भधारण न करने की हिदायत दी है और कुछ समय के लिए टाल देने को कहा है। बालचिकित्सा विज्ञानी एंजेला रोचा ने कहा कि यद्यपि यह नितांत व्यक्तिगत मामला है लेकिन यदि लोग ऐसा कर देते हैं तो यह हमारी इच्छा के अनुरूप होगा। वह पेरनाम्बुको के ओस्वाल्डो क्रूज हास्पिटल में काम करती हैं उन्होंने बुरी तरह से प्रभावित राज्य के 900 नवजातों में इस बीमारी के लक्षण देखने के बाद यह अपील की।

पूरी जिंदगी खराब हो सकती है

डा. रोचा ने कहा कि इन नवजातों को ताजिंदगी विशेष देखभाल की जरूरत रहेगी। यह एक ऐसा भावनात्मक दबाव होगा जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि हम पेरनाम्बुको में इस तरह के बच्चों की पूरी एक पीढ़ी के बारे में बात कर रहे हैं। गत माह इन दोनो के बीच उस समय सम्बन्ध उजागर हुए जब माइक्रोसिफेली के मामलों की जांच कर रहे वैज्ञानिकों ने ब्राजील के सीरा राज्य में विकृति के साथ जन्मे एक बच्चे के खून में जिका वायरस पाया।

संक्रमण पर की जा रही है रिसर्च

ब्राजील के अधिकारियों का कहना है कि गर्भवती महिला यदि गर्भधारण के पहले तीन महीनों में जिका वायरस से ग्रस्त हो गयी तो उसके होने वाले बच्चे के माइक्रोसिफेली से ग्रस्त होने की संभावनाएं ज्यादा हैं। हालांकि अभी इस बारे में खोज जारी है कि यह वायरस कैसे संक्रमण करता है। शरीर में क्या करता है। भ्रूण को कैसे संक्रमित करता है। यह वही मच्छर है जो मलेरिया, डेंगू और जिका वायरस को फैलाता है। जिसके बारे में अभी इतना ही पता है कि इससे बुखार आता है, रैशेज पड़ जाते हैं और जोड़ों में दर्द होता है।

यात्रि‍यों में मिले वायरस

ब्राजील के इस खुलासे से पहले जिका वायरस अफ्रीका, दक्षिण पूर्व एशिया, प्रशान्त महाद्वीप में फैल चुका है। अभी अमेरिका में यह वायरस नहीं फैला है। लेकिन वहां वापस लौटने वाले यात्रियों में इसके वायरस मिले हैं। ब्राजील अधिकारियों ने माइक्रोसिफेली से मौत होने की बात से इनकार किया है। उनका कहना है कि जिका वायरस से जिन दो लोगों की मौत की बात आयी थी वह माइक्रोसिफेली से संक्रमित नहीं थे।

 

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