अमेरिका Coronavirus से लड़ाई में आगे आया, चीन समेत प्रभावित देशों को 10 करोड़ डॉलर की मदद

कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्‍या लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में अमेरिका ने कोरोना वायरस से जूझ रहे देशों को आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। कोरोना वायरस से प्रभावित चीन और अन्य देशों को इस महामारी से लड़ाई के लिए अमेरिका ने 10 करोड़ डॉलर यानि लगभग 7 अरब 15 करोड़ रुपये की मदद की पेशकश की है। बता दें कि चीन में 700 से ज्‍यादा लोग कोरोना वायरस के कारण मारे जा चुके हैं। 30 हजार से ज्‍यादा लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि चीन में हो चुकी है। ये आंकड़े प्रतिदिन बढ़ रहे हैं।

चीन में हर दिन कोरोना वायरस से मरनेवालों की संख्‍या बढ़ रही है। ऐसे में अमेरिका की मदद से काफी उम्‍मीद है। अमेरिका इससे पहले अपनी डॉक्‍टरों की एक टीम चीन के वुहान शहर भेजने की भी घोषणा कर चुका है। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने शुक्रवार को बताया, ‘इस महामारी से लड़ाई के लिए यह प्रतिबद्धता अमेरिका के मजबूत नेतृत्व को प्रमाणित करती है।’

बता दें कि विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रमुख ने भी शुक्रवार को चेतावनी दी थी कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने वाले मास्क और अन्य सुरक्षा उपकरणों की दुनिया भर में कमी हो रही है। तेदरोस अदहानोम गेब्रेयसस ने जिनेवा में डब्ल्यूएचओ के कार्यकारी बोर्ड को बताया, ‘दुनिया सुरक्षा उपकरण की भारी कमी का सामना कर रही है।’ दरअसल, कई देशों ने चीन के लिए अपनी विमान सेवा को फिलहाल रद कर दिया है। ऐसे में जरूरी सुरक्षा उपकरण भी चीन तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।

भारत ने भी चीन में कोरोना वायरस की भयावह स्थिति को देखते हुए अपने 600 से ज्‍यादा नागरिकों को वहां से निकाल लिया है। अभी तक भारत में कोरोना वायरस के सिर्फ तीन मामले सामने आए हैं और ये सभी केरल में हैं। इसके अलावा कहीं कोई कोरोना वायरस से पीडि़त की पुष्टि दिल्‍ली या किसी अन्‍य राज्‍य में नहीं हुई है। इसी बीच जो खबरें आ रही हैं उसके मुताबिक भारत सरकार ने कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए चीन के वुहान शहर से भारत के तमाम पड़ोसी छात्रों को भी वहां से निकालने का संबंधित देशों को प्रस्ताव दिया था।

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