अमेरिकी अफसरों का दावा, डेमोक्रेटिक पार्टी के समर्थकों को ईरान से मिल रहे धमकी भरे ई-मेल

2016 में हुए चुनाव में डोनाल्ड ट्रम्प ने हिलेरी क्लिंटन पर हैरान करने वाली जीत हासिल की थी. बाद में रूस पर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप लगे. दावा किया गया कि चुनावों के दौरान डेमोक्रेट पार्टी और उसकी उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन की कई ई-मेल लीक हो गई थीं.

अमेरिका: राष्ट्रपति चुनाव से पहले ईरान से वोटर्स को डराने और कई राज्यों में अशांति फैलाने वाले मेल आने शुरू हो गए है. तेहरान और मॉस्को ने चुनाव में दखल अंदाजी के मकसद से वोटर्स की रजिस्ट्रेशन डिटेल हासिल की है. अमेरिकी अधिकारियों ने मंगलवार रात एक न्यूज कॉन्फ्रेंस में यह दावा किया.

इंटेलिजेंस डायरेक्टर जॉन रेक्टलिफ और एफबीआई डायरेक्टर क्रिस रे ने कहा- चुनाव में दखल देने वाले बाहरी देशों को इसकी भरी कीमत चुकानी पड़ सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि ईरानी और रूसी कोशिशों के बावजूद अमेरिकियों को भरोसा है कि उनके वोट गिनती की जाएगी. रेक्टलिफ ने कहा कि यह हताश विरोधियों की कोशिश है.

चार राज्यों में लोगों को मिले ईमेल फ्लोरिडा और पेंसिलवेनिया समेत कड़ी टक्कर वाले 4 राज्यों में डेमोक्रेटिक पार्टी के समर्थकों को धमकी भरे ईमेल मिले हैं. ये ईमेल फार-राइट ग्रुप प्राउड बॉयज की ओर से आये हैं. इनमें लिखा है- अगर आपने डोनाल्ड ट्रम्प को वोट नहीं दिया तो फिर आपके बाद हम आएंगे. कई लोगों को इस तरह के मेल मिलने के बाद अधिकारियों ने यह न्यूज कॉन्फ्रेंस की.

बताया जाता है कि वोटर्स को डराने के लिए शुरू किए अभियान में राज्य की वोटर रजिस्ट्रेशन लिस्ट से जानकारी ली गई है. इसमें वोटर किस पार्टी से जुड़ाव रखता है और उसके घर का पता शामिल है. साथ ही इसमें फोन नंबर और ईमेल एड्रेस भी हो सकते हैं. इस जानकारी का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर वोटर को प्रभावित करने के लिए किया जाता है. मेल भेजने वालों का दावा है कि उन्हें पता होगा कि 3 नवंबर को होने वाली वोटिंग में आप किसको वोट देंगे.

पिछले चुनाव में रूस पर आरोप लगा था

2016 में हुए चुनाव में डोनाल्ड ट्रम्प ने हिलेरी क्लिंटन पर हैरान करने वाली जीत हासिल की थी. बाद में रूस पर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप लगे. दावा किया गया कि चुनावों के दौरान डेमोक्रेट पार्टी और उसकी उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन की कई ई-मेल लीक हो गई थीं. हिलेरी और उनकी पार्टी ने डोनाल्ड ट्रम्प पर रूस से सहयोग लेने का आरोप लगाया था.

हिलेरी का कहना था कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ट्रम्प को अमेरिका का राष्ट्रपति बनाना चाहते हैं. तब ट्रम्प और पुतिन दोनों ने इसका खंडन किया था. कुछ समय बाद अमेरिकी चुनाव में रूस के दखल की खबर वॉशिंगटन पोस्ट और न्यूयॉर्क टाइम्स ने ब्रेक की थी. अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई तथा सीआईए ने भी इसकी पुष्टि की थी कि चुनाव अभियान को रूस ने प्रभावित किया था.

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