योगी सरकार ने किया अपना वादा पूरा, 7000 से ज्यादा किसानों को मिला कर्जमाफी प्रमाणपत्र

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लखनऊ| यूपी की योगी सरकार ने गुरुवार को अपनी ऋण मोचन योजना का शुभारंभ किया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने खुद 7574 किसानों को कर्जमाफी का प्रमाणपत्र दिया। इस योजना की शुरुआत लखनऊ लखनऊ के स्मृति उपवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में गृहमंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद थे। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसानों के लिए कर्जमाफी योजना शुरू कर सरकार ने किसानों का सम्मान लौटाने का काम किया है। स्थिती

इस दौरान उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य, उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा, वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल, कृषिमंत्री सूर्य प्रताप शाही के अलावा सुरेश खन्ना, स्वाति सिंह, अनुपमा जायसवाल समेत मंत्रिमंडल के कई सदस्य भी मौजूद थे।

योगी ने कहा, “हम किसानों की आय को दोगुना करेंगे। हमने यूपी कैबिनेट में पहला निर्णय किसानों के लिए किया। केंद्र सरकार के अनुरूप योजना बनाई। पहले किसानों को खाद और बीज नहीं मिल पाते थे। खाद के दामों को पीएम मोदी ने कम किया। 70 लाख से अधिक किसानों का वेरिफिकेशन हो चुका है।”

उन्होंने कहा, “ये कर्जमाफी किसान पर उपकार नहीं, किसान का सम्मान है। 15 सालों में जाति की राजनीति हुई है, लेकिन हमने यूपी के 86 लाख किसानों की कर्जमाफी का फैसला किया है।”

योगी ने कहा, “किसानों के लिए हम लगातार काम कर रहे हैं। 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने का लक्ष्य है। आलू किसानों को राहत के लिए मंडी शुल्क से मुक्त किया गया। हमने किसानों का सम्मान वापस लौटाया है।”

आपको बता दें कि यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने कर्ज माफ करने का वादा किया था। सरकार बनने के बाद ही सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक की। इस बैठक में किसानों के फसली कर्ज माफ़ी का ऐलान किया गया। लेकिन सरकार ने कर्ज माफ़ी उन्ही किसानों का किया है जिनके पास पांच एकड़ खेती वाली जमीन है और जिन्होंने एक लाख रूपये तक का कर्ज ले रखा है। यूपी में ऐसे 86 लाख किसान हैं।

योगी सरकार को किसानों की कर्जमाफी के लिए करीब 36 हजार करोड़ रुपए की जरुरत है। इसलिए यूपी सरकार ने फैसला लिया है कि सरकार साढे 16 हज़ार करोड़ रुपए कर्ज लेगी और करीब बीस हज़ार करोड़ का इंतजाम अलग-अलग विभागों के बजट में कटौती करके किया जाएगा। लखनऊ में किसानों को खुद सीएम योगी प्रमाण पत्र देंगे तो बाक़ी 74 जिलों में वहां के प्रभारी मंत्री यही काम करेंगें।

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