उत्तर प्रदेश: सब्जियों और दालों की बढ़ती कीमतों से रसोड़े खाली

लखनऊ: कोरोना काल में सब्जियों और दालों के दाम इतने बढ़ गए हैं कि आम आदमी की रसोई में सब्जियां गायब हो गई है। और दालों में कमी आ गई है। लेकिन सरकार इस पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। आम आदमी की जेब खाली हो रही है। लोगों के पास रोजगार नहीं है। लोग किसी तरह इधर उधर से कुछ पैसे कमाते है। तो उसकी कमाई रसोड़े में ही लग जा रही है। परिवार के लिए वो कुछ नहीं कर पा रहा है। जितना कमा रहा है। उतना खाने में चला जा रहा है। लेकिन सरकार कान में रूई डालकर बैठी है।

सब्जियां और दाल
सब्जियां और दाल

सब्जियों के दाम छू रहे आसमान

सब्जियां
सब्जियां

सब्जियों के दाम इतने बढ़ गए हैं कि खरीदार दाम पूछकर ही पीछे हट जा रहा है। महीनों भर से सब्जियों के दामों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। सब्जियों अब तीन गुने दाम पर मिल रही हैं। आलू, प्याज, टमाटर के भाव तो जमीन में पैर ही नहीं रख रहे हैं। आलू और प्याज 40 रुपये किलो तो टमाटर 80 रुपये में बिक रहा है।

दालों के दाम में भारी इजाफा

दाल
दाल

सिर्फ सब्जियां ही नहीं दाल के दामों में भी लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। व्यापारियों का कहना है कि उत्पादन कम होने और स्टॉक खत्म होने के कारण दामों में बढ़ोतरी हो रही है। फुटकर बाजार में अरहर, मलका, मूंग, उड़द, काबुली चना, काला चना, राजमा जैसी दालों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है।

सरकार पर उठ रहे सवाल

सब्जियों और दालों के बढ़ते दामों को लेकर अब सरकार पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बाजार में सब्जियां व दाल खरीदने आम आदमी जा रहा है। तो उसके दाम सुनते ही माथे पर पानी आ जाता है।

जहां एक तरफ किसानों का कहना है कि मुनाफा नहीं मिल रहा है। वहीं व्यापारियों का कहना है कि कोई फायदा नहीं मिल रहा है। लेकिन दूसरी तरफ सरकार का कहना है कि सब्जियों का उत्पादन बहुत हुआ है। लेकिन ऐसे में सवाल यह है कि बढ़ती कीमतों का फायदा किसको मिल रहा है।

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