रोजगार प्रदेश के नाम से जाना जाने लगा है उत्तर प्रदेश: डा दिनेश शर्मा

लखनऊः उपमुख्यमंत्री डा दिनेश शर्मा ने गुरुवार को कहा कि आज यूपी सरकार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत अन्न महोत्सव मना रही है। कोरोना जैसी महामारी के समय में जब दुनिया ठहर गई थी, उस समय देश में किसी भी व्यक्ति को भूखे पेट नहीं सोना पडे, इसके लिए संवेदनशील प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यह योजना चलाई थी। भाजपा की सरकार हमेशा ही जरूरतमंदों के साथ खडी है। अपनों का हाथ थामना और उन्हें आगे बढाना ही सरकार का लक्ष्य है।

रायबरेली के फिरोज गांधी डिग्री कालेज आडीटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि दुनिया भर में अपने तरह की इस अनूठी योजना के चलते भारत जैसे देश में लॉकडाउन के समय में भी गरीब के घर का चूल्हा जलता रहा है। आज उसी योजना के लाभार्थियों से प्रधानमंत्री ने संवाद कर रहे हैं। यह संवाद इस बात को बताता है कि प्रधानमंत्री के लिए पूरा देश एक परिवार है और वह अपने परिवार के हर सदस्य के लिए चिन्तित रहते हैं। कोरोना काल के आर्थिक प्रभाव को कम करने के लिए लागू की गई यह योजना लोगों के लिए वरदान साबित हुई है।

गरीबों और जरूरतमन्दों की सरकार कर रही मदद

कोविड से उत्पन्न परिस्थितियों में गरीबों और जरूरतमन्दों को राहत पहुंचाने के लिए सरकार द्वारा अन्त्योदय एवं पात्र गृहस्थी श्रेणी के राशनकार्ड धारकों को प्रति यूनिट 03 किलो गेहूं तथा 02 किलो चावल निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। इस प्रकार प्रति यूनिट 05 किलो निःशुल्क खाद्यान्न जरूरतमन्दों को मिलेगा। इससे प्रदेश की लगभग 15 करोड जनसंख्या लाभान्वित होगी। यह योजना नवम्बर तक चलाई जाएगी। केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी हर गरीब तक पहुंचे इस मकसद से पांच अगस्त को प्रदेश सरकार द्वारा अन्न उत्सव के रूप में एक बड़ा आयोजन किया गया है।

यूपी अब रोजगार प्रदेश के नाम से जाना जाने लगा

आज प्रदेश के करीब 80 लाख से एक करोड़ लोगों को प्रधानमंत्री का मार्ग दर्शन मिला है। प्रदेश की 80 हजार उचित दर की दुकानों पर कार्यक्रम आयोजित किया गया है। डा शर्मा ने कहा कि यूपी अब रोजगार प्रदेश के नाम से जाना जाने लगा है।

युवाओं के लिए तमाम तरह के रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने सवा चार वर्षों के दौरान निष्पक्ष, पारदर्शी चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। प्रदेश में चयन की प्रक्रिया पर कोई उंगली नहीं उठा सकता है। विगत सवा चार वर्षों के दौरान साढ़े चार लाख सरकारी नौकरियों में प्रदेश के युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं।

संविदा पर दी गई नियुक्ति

करीब 3 लाख युवाओं को संविदा पर नियुक्ति दी गई है। इसके अलावा एमएसएमई क्षेत्र में करोडो लोगों को व ओडीओपी योजना में 25 लाख लोगों को रोजगार दिया गया है। बडे उद्योगों में 3 लाख व स्टार्टअप में 5 लाख युवाओं को रोजगार मिला है। कोरोना के चलते अपने प्रदेश में वापस आने वाले 40 लाख श्रमिकों व कामगारों को रोजगार प्रदान किया गया है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी क्रान्तिकारी बदलाव आए है। नकल विहीन परीक्षा और पाठयक्रम में बदलाव ने शिक्षा को नई दिशा दी है। डिजिटल लाइबेरी ने ज्ञान का नया सागर दे दिया है। प्रदेश में शोध को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में यूपी की सभी पहल अनुकरणीय हो चली हैं।

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