Uttarakhand Glacier Update: ग्लेशियर टूटने से ‘रैणी पावर प्रोजेक्ट’ तबाह, 14 शव बरामद

उत्तराखंड के चमोली में जोशीमठ के मठ के पास तपोवन इलाके में ग्लेशियर टूटने से ‘रैणी पावर प्रोजेक्ट तबाह’, रेस्क्यू के दौरान अलग-अलग स्थानों से 14 शव बरामद

चमोली: उत्तराखंड (Uttarakhand) के चमोली में जोशीमठ के पास तपोवन इलाके में 7 फरवरी को ग्लेशियर फटने से पहाड़ के पूरे राज्य में तबाही मची हुई है। इस हादसे ने पूरे देश को सदमे में डाल दिया है। राहत एंव बचाव कार्य के दौरान अब तक 14 शव बरामद किए जा चुके हैं। जानकारी के मुताबिक 125 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं।  टनल से मलबा हटाया जा रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि इसमें अब भी काफी लोग फंसे हुए हैं।

रैणी पावर प्रोजेक्ट तबाह

उत्तराखंड के DGP अशोक कुमार ने बताया कि ग्लेशियर टूटने से रैणी पावर प्रोजेक्ट (Raini Power Project) पूरा बह गया और तपोवन (Tapovan ) भी क्षतिग्रस्त हुआ। पहले प्रोजेक्ट से 32 लोग लापता हैं और दूसरे प्रोजेक्ट से 121 लोग लापता हैं। इनमें से 10 शव बरामद हो गए हैं। तपोवन प्रोजेक्ट में दो टनल थीं, छोटी टनल से कल 12 लोगों को बचाया गया।

बड़ी टनल को खोलने की कोशिश की जा रही है। टनल का मलबा बाहर निकाला जा रहा है इस काम में सेना की टीम लगी हुई है। मुझे उम्मीद है कि टनल शाम तक खुल जाएगी।

व्यक्तियों को रेस्क्यू

चमोली पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि टनल (Tunnel) में फंसे लोगों के लिए राहत एवं बचाव कार्य जारी है। जेसीबी की मदद से टनल के अंदर पहुंच कर रास्ता खोलने का प्रयास किया जा रहा है। अब तक कुल 15 व्यक्तियों को रेस्क्यू (Rescue) किया गया है और अलग-अलग स्थानों से 14 शव बरामद किए गए हैं।

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ITBP देहरादून DIG अपर्णा कुमार ने कहा कि बड़ी टनल को 70-80 मीटर खोला गया है, जेसीबी से मलबा निकाल रहे हैं। यहां कल से 30-40 कर्मी फंसे हुए हैं। आईटीबीपी, उत्तराखंड पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और सेना यहां संयुक्त ऑपरेशन कर रही है। करीब 153 लोग लापता हैं।

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