अनाथ बच्चों का सहारा बनी Uttarakhand सरकार, ‘वात्सल्य योजना’ पर कैबिनेट की मंजूरी

उत्तराखंड कैबिनेट ने ‘वात्सल्य योजना’ पर अपनी मुहर लगा दी है, जिसके तहत ऐसे बच्चे जिन्होंने कोरोना काल में माता-पिता को खोया हो या आश्रित को खोया है, उनकी जिम्मेदारी सरकार लेगी

देहरादून: उत्तराखंड (Uttarakhand) में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत (Tirath Singh Rawat) की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट की बैठक हुई है। जिसमें 14 प्रस्तावों पर कैबिनेट ने मंजूरी दी है। कैबिनेट ने मुख्य फैसला लेते हुए ‘वात्सल्य योजना’ पर अपनी मुहर लगा दी है।

‘वात्सल्य योजना’

सीएम वात्सल्य योजना के तहत ऐसे बच्चों को जिन्होंने कोरोना काल में माता-पिता को खोया हो या आश्रित को खोया है, उनकी जिम्मेदारी सरकार लेगी। 21 वर्ष तक 3 हजार प्रति माह, निशुल्क राशन, शिक्षा के अलावा सभी तरह की व्यवसायिक शिक्षा में आरक्षण दिया जाएगा।मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना

कोविड की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना (अतिशुक्ष्म नैनो उद्ध्यम) योजना को भी स्वीकृति दी गई है। इससे 20 हजार लोगों को फायदा होगा। इसमें 10 करोड़ का खर्च होगा। 10 हजार से 15 हजार के प्रोजेक्ट पर 5 हजार की सब्सिडी दी जाएगा।

शिक्षकों से वर्चुअल संवाद

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने बतया कि आज देहरादून स्थित राजीव गांधी नवोदय विद्यालय से प्रदेश के शिक्षकों से वर्चुअल संवाद किया। इस वर्चुअल संवाद में 500 स्कूलों से शिक्षक जुड़े थे। इस संवाद में अनेक स्कूलों के शिक्षकों ने भी अपने विचार रखे।

तीरथ सिंह रावत ने बोला कि यह हमारे लिए प्रसन्नता का अवसर है कि नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्य SDGs सूची में उत्तराखण्ड को चौथा स्थान प्राप्त हुआ है। 2015-16 में इसी सूची में राज्य को 19वां स्थान मिला था। केवल 5 वर्ष में इतनी प्रगति सबके सम्मिलित प्रयासों से ही सम्भव हुई है। भविष्य में शिक्षा के क्षेत्र में उत्तराखण्ड को प्रथम स्थान पर लाने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों व शिक्षकों को इसी मनोयोग से कार्य करने की आवश्यकता है। कोविड काल में सीमित संसाधन होने के बावजूद ऑनलाइन शैक्षणिक गतिविधियों के लिए शिक्षा विभाग द्वारा सराहनीय प्रयास किया गया है।

सीएम ने बताया कि स्कूलों की व्यवस्थाओं में गुणात्मक सुधार लाने के लिए राज्य सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। स्कूलों में विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए जिला प्लान में व्यवस्थाएं की गईं हैं। प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक नेट कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। अटल उत्कृष्ट विद्यालयों के माध्यम से शिक्षा के स्तर में और सुधार करने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। राज्य में 190 अटल उत्कृष्ट विद्यालय स्वीकृत किये गये हैं। इस अवसर पर अटल उत्कृष्ट विद्यालय की वेबसाइट भी लॉन्च की गई है।

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