सुमित्रानंदन पंत पर राज्यपाल ने जारी किया डाक टिकट

Sumitra

देहरादून। हिंदी साहित्य के विख्यात छायावादी कवि सुमित्रा नंदन पंत की स्मृति में उत्तराखंड के राज्यपाल डॉ. कृष्ण कांत पाल ने राजभवन में डाक टिकट जारी किया। उत्तराखंड के किसी भी साहित्यकार की स्मृति में प्रथम बार यह स्मारक डाक टिकट जारी किया जा रहा है।

केंद्र सरकार को दिया था प्रस्ताव
हिंदी साहित्य में पंत के उल्लेखनीय योगदान को शासकीय अभिलेखों में चिरन्तन रखने के उद्देश्य से उत्तराखंड के राज्यपाल ने डाक टिकट जारी करने का प्रस्ताव जून, 2015 में केंद्र सरकार को प्रेषित किया था।

दो दर्जन से अधिक पुस्तकें हुईं प्रकाशित
20 मई 1900 को उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र के कौसानी में जन्मे छायावादी युग के अग्रणी साहित्यकार की दो दर्जन से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हुई। इनमें कविता संग्रह, खण्डकाव्य, पद्य नाटक और निंबध शामिल है। चिदम्बरा, वीणा, पल्लव, गुंजन, ग्राम्या, युगांत, युगवाणी, लोकायतन, कला और बूढ़ा चांद उनकी उल्लेखनीय रचनाएं हैं।

श्रद्धांजलि स्वरूप ‘स्मारक डाक टिकट’ जारी
हिन्दी साहित्य में उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें देश के प्रतिष्ठित सम्मान पद्मभूषण, ज्ञानपीठ, साहित्य अकादमी सहित सोवियत लैण्ड नेहरू अवार्ड से भी नवाजा गया। 28 दिसंबर, 1977 को प्रकृति के चितेरे यह साहित्य साधक चिर-निंद्रा की गोद में चले गए। उनकी पुण्यतिथि से पूर्व उन्हें श्रद्धांजलि स्वरूप ‘स्मारक डाक टिकट’जारी किया जा रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button