बछेंद्री पाल के बाद अब उत्तराखंड की नूतन चली एवरेस्ट की ओर

utt-everest-1

रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड की बछेंद्री पाल और अन्य पर्वतारोहियों से प्रेरित होकर प्रदेश की एक और बेटी एवरेस्ट फतह करने की तैयारी में है। रुद्रप्रयाग के अगस्त्यमुनि ब्लाक के गुनाऊं की रहने वाली 20 वर्षीय नूतन वशिष्ठ ने पर्वतारोहण में ही अपना करिअर बनाने का फैसला किया है। नये साल के मार्च महीने में माउंट एवरेस्ट आरोहण के लिए आर्मी की ओर से चयनित एनसीसी के नौ कैडेट्स में नूतन का भी चयन हुआ है। मौजूदा समय में नूतन, बीकानेर (राजस्थान) से एमकॉम की पढ़ाई कर रही हैं। इससे पहले उत्तराखंड के चमोली की रहने वाली बछेंद्री पाल ने वर्ष 1984 में एवरेस्ट पर फतह हासिल की थी।

utt-everest-2

नूतन वशिष्ठ के पिता सेना में हैं, इसलिये अलग-अलग राज्यों में पोस्टिंग होने के कारण नूतन को उड़ीसा, पंजाब और मध्य प्रदेश की भौगोलिक स्थितियों को भी समझने का मौका मिला। हाईस्कूल के बाद नूतन की रुचि पर्वतारोहण के प्रति काफी बढ़ी। एनसीसी में होने के कारण नूतन स्कूल स्तर से ही रॉक क्लाइंबिंग के शिविरों में बढ़-चढ़ कर भाग लेने लगी। इस दौरान माता-पिता के सहयोग से उसने हिमालयन पर्वतारोहण संस्थान दार्जिलिंग से पर्वतारोहण का बेसिक प्रशिक्षण भी हासिल किया, जो उसके लिये काफी मददगार साबित हुआ।

utt-everest-4

टॉप 10 में बनाई जगह

दो वर्ष पहले भारतीय सेना की ओर से 100 एनसीसी कैडेट्स के पर्वतारोही दल में नूतन को भी शामिल किया गया। अपनी मेहनत के दम पर उसने पहले टॉप 40 और फिर टॉप 10 में अपनी जगह बनाई। वर्ष 2014 में नूतन ने गंगोत्री के समीप रुद्रगेरा पर्वत को फतह कर तिरंगा फहराया और साबित किया कि लड़कियां किसी मामले में लड़कों से कम नहीं हैं।

utt-everest-5

इसी साल सिक्किम में नूतन ने माउंटरिनाक, हिमाचल प्रदेश में माउंट देव टिब्बा और उत्तराखंड में माउंट त्रिशूल पर तिरंगा फहराते हुए देवभूमि उत्तराखंड का मान बढ़ाया। नूतन की मां सुशीला का कहना है कि नूतन ने टेलीविजन और किताबों के जरिए पर्वतारोहण के बारे में विस्तार से जाना, पढ़ा और समझा। वहीं नूतन का कहना है कि माता-पिता और ट्रेनर्स के सहयोग ने हमेशा उनका हौसला बढ़ाया है। इसी हिम्मत, हौसले और बुलंद इरादों की बदौलत वे एवरेस्ट पर भी तिरंगा जरूर फहरायेंगी।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button