उत्तराखंड त्रासदी Update: जोशीमठ और विष्णुप्रयाग को जोड़ने वाला ‘पैदल झूला पुल’ बहा, 34 लोग लापता

उत्तराखंड में ग्लेशियर के फटने से  जोशीमठ (Joshimath) और विष्णुप्रयाग को जोड़ने वाला ‘पैदल झूला पुल’ बहा गया है, टनल के अंदर राहत और बचाव अभियान जारी

उत्तराखंड: उत्तराखंड (Uttarakhand) के चमोली में जोशीमठ के मठ के पास तपोवन इलाके में 7 फरवरी को ग्लेशियर फटने से पहाड़ के पूरे राज्य में तबाही मची हुई है। ग्लेशियर के फटने से जोशीमठ (Joshimath) और विष्णुप्रयाग को जोड़ने वाला ‘पैदल झूला पुल’ बहा गया है। तपोवन टनल में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए टनल के अंदर राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है।

पैदल झूला पुल

ग्लेशियर टूटने के बाद हुए नुकसान से चमोली जिले में जोशीमठ और विष्णुप्रयाग को जोड़ने वाला ‘पैदल झूला पुल’ बहा। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि पूरा पुल टूट गया है, यहां काफी नुकसान हुआ है। यहां पर अभी सिर्फ नगरपालिका के लोग आए हैं और कोई नहीं आया।

 

यह भी पढ़ेअब ‘SANDES’ लेगा WHATSAPP की जगह, प्राइवेसी की टेंशन होगी गायब!

DIG का बयान

ITBP देहरादून  के DIG अपर्णा कुमार ने बताया कि जो मलबा अंदर फंसा हुआ था अब वो ज्यादा बाहर निकलकर आ रहा है। NTPC के टेक्निकल एक्सपर्ट का कहना है कि अब किसी का भी अंदर जाना रिस्की है क्योंकि अंदर से पानी का तेज बहाव हो सकता है। तो अब मशीनों द्वारा ही मलबा निकाला जाएगा।

उत्तराखंड के आपदा न्यूनीकरण और प्रबंधन केंद्र के पियूष रौतेला ने जानकारी देते हुए कहा कि हम सिर्फ इतना जानते हैं कि सुरंग 2.5 किमी लंबी है और 30-35 कर्मचारी अंदर फंस गए हैं। SDRF, पुलिस, ITPB, सेना और नौसेना के गोताखोर सुरंग के अंदर फंसे लोगों को निकालने के लिए मलबा हटा रहे हैं।

34 लोग लापता

उत्तर प्रदेश के तहसीलदार धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि उत्तराखंड त्रासदी में निघासन तहसील के कुल 34 लोगों के लापता होने की सूचना है, इनमें से कल एक व्यक्ति का शव यहां भेजा गया है। हम लोग लगातार पीड़ित परिवारों के संपर्क में हैं।

यह भी पढ़ेइंग्लैंड से हार के बाद अजिंक्य रहाणे पर उठे सवाल, कोहली ने बचाव करते हुए कहा..

Related Articles

Back to top button