वाराणसी : गंगा नदी में तैरती मिली विदेशी मछली, इको सिस्टम हो सकता प्रभावित!

वाराणसी : गंगा नदी में तैरती मिली विदेशी मछली, इको सिस्टम हो सकता प्रभावित!
विदेशी मछली

वाराणसी : नदी में मछली मिलना तो आम बात हो सकती है लेकिम चौकाने वाली बात तब होती है जब किसी नदी में विदेशी मछली मिल जाए। यूपी के काशी नगरी वाराणसी में गंगा में अमेरिकी मछली मिली है जिसके बाद से वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ गई है। ये अमेरिकी मछली सात समंदर पार से आई है। इस मछली के मिलने के बाद से वैज्ञानिकों के लोई चिंता का विषय बना हुआ है।

 

अमेरिकी मछली को लेकर वैज्ञानिकों का कहना है कि यह मछली गंगा नदी में रहने वाले अन्य जलीय जीवों के लिए खतरनाक हो सकती है। पता चला है कि यह मछली कुछ दिन पहले गंगा में जल प्रहरियों को मिली है। प्रहरियों को दो मछलियां मिली जिसमे से एक तो सुनहरे रंग की है, जिसे अमेरिकी मछली बताया जा रहा है। इसके कुछ दिन पहले ही इन्हीं प्रहरियों को एक और अन्य रंग की मछली मिली थी।

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वैज्ञानिकों ने रिसर्च किया तो पता चला कि ये मछली अमेरिका के अमेजन नदी में पाए जाने वाली सकर माउथ कैटफिश है। इसके बाद से मछली को लेकर वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ी थी, क्योंकि यह मछली मांसाहारी है और यह अगर नदी में रहेगी तो वहां के अन्य जलीय जीवों को खाएगी। इससे गंगा नदी का इको सिस्टम भी प्रभावित होगा।

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मछली वैज्ञानिक प्रोफेसर बेचन लाल और बीएचयू के जंतु विज्ञान संकाय के प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे ने इस मछली को लेकर जानकारी देते हुए बताए है कि यह मछली मासाहारी है और इसके गंगा नदी में रहने से इको सिस्टम प्रभावित हो सकता है। दरअसल यह गंगा नदी में रहने वाले अन्य जलीय जीवों को खाएगी और उन्हें नुकसान पहुंचाएगी। जिससे गंगा नदी की शुद्धता में कमी आएगी।

 

 

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