#JNU को देशभक्त बनाने के लिए होगा कुछ ऐसा जो आजतक देश के किसी कॉलेज में नहीं हुआ

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नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) आए दिन चर्चाओं में रहता है। कभी देशविराधी नारों को लेकर, तो कभी किसी और वजह से। अक्सर जेएनयू पढ़ाई से ज्यादा अन्य मामलों को लेकर सुर्खियों में रहता है। लेकिन इस बार वहां से जो खबर आ रही है उसे जानकर आपको खुशी जरूर होगी।

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जेएनयू हमेशा विवादि कॉलेज माना जाता रहा है

जेएनयू हमेशा विवादि कॉलेज माना जाता रहा है। कई बार कैम्पस से देशद्रोह की आवाज़ उठ चुकी है। बीते दिनों जेएनयू में देशविरोधी नारे लगे थे जिसे लेकर पूरे देश का माहौल गर्म हो गया था। लेकिन अब जेएनयू को देशभक्ति का पाठ पढ़ाने का नया तरीका ढूंढा गया है। कैम्पस में रविवार को ‘कारगिल विजय दिवस’ मनाया गया। बता दें साल 1999 में हुए कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों की शहादत की याद में ‘कारगिल विजय दिवस’ मनाया जाता है। लेकिन इसी बीच जेएनयू के वाइस चांसलर एम जगदीश कुमार सरकार से एक ऐसी मांग रख दी जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया।

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यूनिवर्सिटी के कैंपस में एक टैंक खड़ा करने की मांग की

जगदीश कुमार ने सरकार से यूनिवर्सिटी के कैंपस में एक टैंक खड़ा करने की मांग की। कुमार के मुताबिक यह टैंक जेएनयू स्टूडेंट्स में सेना के प्रति प्रेम की भावना जगाएगा। गौरतलब है कि जेएनयू के भीतर कई बार विवाद हो चुका है और वहां के कुछ छात्रों पर देशविरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप भी लगा था। इस मौके पर रविवार को तिरंगा मार्च निकाला गया और देश के लिए शहीद हुए जवानों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में तमाम लोगों ने हिस्सा लिया और 2,200 फीट लंबे तिरंगे को मेन गेट से कन्वेंस सेंटर तक करीब दो किलोमीटर लेकर गए। मार्च में 23 शहीदों के परिजनों ने भी भाग लिया।

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पिछले साल जेएनयू में लगे थे राष्ट्रविरोधी नारे

जेएनयू में पिछले साल 9 फरवरी को अफजल गुरु और मकबूल भट्ट की बरसी पर कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान देशविरोधी नारेबाजी का वीडियो मीडिया में आने के बाद देशभर में राष्ट्रवाद पर बहस छिड़ गई थी। दिल्ली पुलिस ने कन्हैया कुमार के अलावा अनिर्बान और उमर खालिद पर भी देशद्रोह की धाराएं लगाई थीं। फिलहाल ये तीनों जमानत पर रिहा हैं।

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