मुंगेर गोलीकांड के विरोध में फूंकी गाड़ियां, SP और DM बर्खास्त

लोगों का कहना है कि एसपी लिपि सिंह बेहद क्रूर किस्म की पुलिस अधिकारी हैं।

बिहार: मुंगेर में दशहरा पर मां दुर्गा की मूर्ती विसर्जन के दौरान फायरिंग में हुई मौत के मामले में लोगों के गुस्से को देखते हुए शासन ने बड़ी कार्रवाई की हैं। महकमे ने यहां के डीएम और एसपी दोनों को ही हटा दिया है।

विरोध में फूंकी गाड़ियां

इससे पहले सुबह नाराज लोगों ने एसपी कार्यालय और एसडीओ आवास में जमकर तोड़-फोड़ करके विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया। और थाने पर पथराव भी किया गया है।

क्रूर किस्म की पुलिस अधिकारी

एसपी लिपि सिंह की तुलना लोग जनरल डायर से कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लिपि सिंह बेहद क्रूर किस्म की पुलिस अधिकारी हैं। लोगों का आरोप है कि लिपि सिंह ने जलियांवाला बाग कांड की तरह निहत्थे लोगों पर गोलियां और लाठी चलाने के आदेश दे दिए।

क्या हैं पूरा मामला?

दशहरा पर माँ दुर्गा की मूर्ति विसर्जन के दौरान लाठीचार्ज के खिलाफ गुरुवार को लोगों की भीड़ सड़क पर उतर आई थी। प्रदर्शनकारी 26 अक्टूबर को फायरिंग में एक शख्स की मौत का विरोध कर रहे थे। भीड़ धीरे-धीरे SDO और SP एसपी ऑफिस की तरफ बढ़ गई। इस दौरान भीड़ हिंसक हो गई और उन्होंने तोड़-फोड़ शुरू कर दी। आक्रोशित भीड़ ने कुछ वाहनों को आग भी लगा दी।

विपक्षी नेताओं का चुनावी रंग

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के दिन बुधवार को मुंगेर की घटना को लेकर विपक्ष ने प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार पर जोरदार हमला किया।

आरसीपी सिंह का विरोध

बेगूसराय जिले में आरसीपी सिंह के पहुंचने पर आक्रोशित पदर्शनकारियों ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जिले में दूसरे चरण में 3 नवंबर को मतदान है। केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय से बीजेपी सांसद गिरिराज सिंह ने मुंगेर की घटना की निंदा करते हुए कहा था कि अधिकारी चाहे कितने भी रसूख वाला हों, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

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