छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती पर PM मोदी समेत दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि, जानें Gorilla War की खौफनाक दास्तान

छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राहुल गांधी, जेपी नड्डा, समेत तमाम दिग्गजों में दी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली: छत्रपति शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राहुल गांधी, जेपी नड्डा, समेत तमाम दिग्गजों में दी श्रद्धांजलि। शिवाजी महाराज भारत के एक महान राजा एवं रणनीतिकार थे जिन्होंने 1674 ई. में पश्चिम भारत में मराठा साम्राज्य की नींव रखी। उन्होंने कई वर्ष औरंगजेब के मुगल साम्राज्य से संघर्ष किया।

PM मोदी ने किया शत-शत नमन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके कहा कि मां भारती के अमर सपूत छत्रपति शिवाजी महाराज को उनकी जयंती पर शत-शत नमन। उनके अदम्य साहस, अद्भुत शौर्य और असाधारण बुद्धिमत्ता की गाथा देशवासियों को युगों-युगों तक प्रेरित करती रहेगी।

 

गृह मंत्री ने दी श्रद्धांजलि

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि राष्ट्रीयता के जीवंत प्रतीक छत्रपति शिवाजी महाराज ने अपनी अद्वितीय बुद्धिमता, अद्भुत साहस व उत्कृष्ट प्रशासनिक कौशल से सुशासन की स्थापना की। अपनी दूरदर्शिता से उन्होंने एक मजबूत नौसेना बनाई व कई जन-कल्याणकारी नीतियों की भी शुरुआत की। ऐसे राष्ट्रगौरव को कोटि-कोटि वंदन।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने छत्रपति शिवाजी महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि शौर्य, साहस और पराक्रम के प्रतीक छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर आप सभी को शुभकामनाएं।

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Gorilla War

छत्रपती शिवाजी महाराज (1630 से 1680 ई.) तक भारत के एक महान राजा एवं रणनीतिकार थे जिन्होंने 1674 ई. में पश्चिम भारत में मराठा साम्राज्य की नींव रखी। उन्होंने कई वर्ष औरंगजेब के मुगल साम्राज्य से संघर्ष किया। सन् 1674 में रायगढ़ में उनका राज्यभिषेक हुआ और वह ‘छत्रपति’ बने। छत्रपती शिवाजी महाराज ने अपनी अनुशासित सेना एवं सुसंगठित प्रशासनिक इकाइयों कि सहायता से एक योग्य एवं प्रगतिशील प्रशासन प्रदान किया।

उन्होंने समर-विद्या में अनेक नवाचार किये तथा छापामार युद्ध (Gorilla War) की नयी शैली (शिवसूत्र) विकसित की। उन्होंने प्राचीन हिन्दू राजनीतिक प्रथाओं तथा दरबारी शिष्टाचारों को पुनर्जीवित किया और फारसी के स्थान पर मराठी एवं संस्कृत को राजकाज की भाषा बनाया।

भारत के स्वतन्त्रता संग्राम में बहुत से लोगों ने छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवनचरित से प्रेरणा लेकर भारत की स्वतन्त्रता के लिये अपना तन, मन धन न्यौछावर कर दिया।

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