सोनिया, ममता और अखिलेश समेत सभी राजनीतिक दलों से मंदिर निर्माण में लेंगे सहयोग-VHP

भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बनने जा रहा है और यहां तक के सफर में बहुत से भक्तों ने बलिदान दिया है, जिसको कतई भुलाया नहीं जा सकता

कानपुर : अयोध्या (Ayodhya) में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण के लिये कांग्रेस (Congress) अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi), तृणमूल कांग्रेस (TMC) अध्यक्ष ममता बनर्जी (Mamata Banerjee), समाजवादी पार्टी (SP) अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) समेत सभी राजनीतिक हस्तियों से सहयोग मांगा जायेगा।

विश्व हिन्दू परिषद (VHP) के केन्द्रीय उपाध्यक्ष एवं श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (Sriram Janmabhoomi Teerth) न्यास के महामन्त्री चंपत राय (Champat Rai) ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सोनिया गांधी,ममता बनर्जी,अखिलेश यादव और शरद पवार (Sharad Govindrao Pawar) सभी के पास राम मंदिर निर्माण के लिए दान लेने जाया जाएगा।

देश के 11 करोड़ परिवार श्रीराम जन्म भूमि से सीधे जुड़ेंगे

उन्होने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम (Lord Shri Ram) का भव्य मंदिर बनने जा रहा है और यहां तक के सफर में बहुत से भक्तों ने बलिदान दिया है, जिसको कतई भुलाया नहीं जा सकता। अब मंदिर निर्माण के लिए दानियों की बारी है,जिससे हिन्दुओं की आस्था का प्रतीक श्रीराम जन्म भूमि में भव्य मंदिर बन सके। इसके लिए विहिप कार्यकर्ता देश के 11 करोड़ परिवारों को श्रीराम जन्म भूमि से सीधे जोड़ेगें। इसके साथ ही राम भक्तों से सामर्थ्य के अनुसार दान लिया जाएगा।

चंपत राय ने कहा कि 15 जनवरी मकर संक्रांति से 27 फरवरी तक श्रीराम जन्मभूमि निर्माण निधि समर्पण अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए विहिप कार्यकर्ता शेष समाज के लोगों के साथ घर घर जाएंगे। देश के चार लाख गांवों के 11 करोड़ परिवारों से संपर्क कर श्रीराम जन्मभूमि से सीधे जोड़कर रामत्व का प्रसार करेंगे। देश की हर जाति, मंच, पंथ, संप्रदाय क्षेत्र के लोगों के सहयोग से श्रीराम मंदिर वास्तव में एक राष्ट्रीय मंदिर का रुप ले लेगा।

जल्द ही मंदिर का प्रारूप आएगा सामने

उन्होंने कहा कि रामराज के लिए बढ़-चढ़कर राम भक्त आगे आयें। भगवान श्री राम की जन्मभूमि को प्राप्त कर देश के सम्मान की रक्षा के लिए हिंदू समाज के लोगों ने पांच सदियों तक संघर्ष किया। जिसके बाद समाज की भावनाओं और मंदिर से जुड़ी इतिहास की सच्चाईयों को सर्वोच्च अदालत ने स्वीकार कर केन्द्र सरकार को एक न्यास बनाने का निर्देश दिया। सरकार ने राम जन्मभूमि क्षेत्र के नाम से न्यास बनाया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अयोध्या में श्रीराम जन्म भूमि का पूजन कर मंदिर के निर्माण की प्रक्रिया को गति प्रदान की।

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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के महामन्त्री ने बताया कि मंदिर निर्माण की तैयारी चल रही है। मुंबई, दिल्ली, चेन्नई, गुवाहाटी की आईआईटी, सीबीआरआई रुड़की, लार्सन एंड टूब्रो तथा टाटा के विशेष इंजीनियर मंदिर की मजबूत नींव की ड्राइंग पर परामर्श कर रहे हैं। बहुत जल्द ही मन्दिर का प्रारुप सामने आ जाएगा। संपूर्ण मंदिर पत्थरों का है, प्रत्येक मंजिल की ऊंचाई 20 फीट, लंबाई 360 फीट व चौड़ाई 235 फीट है। मंदिर भूतल से 16.5 मीटर ऊंचाई पर रहेगा।

चंपत राय ने कहा कि देश की वर्तमान पीढ़ी को इस मंदिर के इतिहास की सच्चाई से अवगत कराने की योजना बनी है। देश कि कम से कम आधी आबादी को घर—घर जाकर श्रीराम जन्म भूमि की ऐतिहासिक सच्चाई से अवगत कराया जाएगा। कश्मीर से कन्याकुमारी तक कोई कोना नहीं छोड़ेंगे और अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, असम, अण्डमान निकोबार से क्षेत्रों तक संपूर्ण भारत में राम जन्मभूमि मंदिर का साहित्य देंगे तथा उसके लिए सहयोग लेंगे।

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