वेदांती को भी नहीं भाया राम मंदिर मामले में श्री श्री रविशंकर की मध्यस्थता, दे दिया ये बड़ा बयान

0

नई दिल्ली: भले ही आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर रामलला की जन्मभूमि में राम मंदिर बनवाने की मध्यस्थता करने हुए मंदिर बनवाने की पूरी कोशिश में लगे हैं लेकिन इस मामले में उनका मध्यस्थता करना कुछ लोगों को पसंद नहीं आ रहा है। इन्ही लोगों में एक नाम अयोध्या आंदोलन से जुड़े रहे बीजेपी के पूर्व सांसद रामविलास वेदांती का है जिन्होंने बुधवार को श्री श्री रविशंकर की मध्यस्थता पर उंगलियां उठाते हुए कहा कि रविशंकर कौन होते हैं, फैसला करने वाले।

अपने बयान में रामविलास वेदांती ने कहा कि जेल गए हम, लाठियां खाई हमने और अचानक से श्री श्री रविशंकर आ गए’। उन्होंने कहा कि रविशंकर तब कहां थे जब हम संघर्ष कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर बनेगा तो ठीक है, वरना किसी भी कीमत पर मस्जिद नहीं बनने दिया जाएगा। राम मंदिर के लिए के लिए चाहे जितना बालिदान देना पड़े, हम पीछे नहीं हटेंगे। चाहे इसकी कीमत जान देकर ही क्यों न चुकानी पड़े।

आपको बता दें कि यह पहला मौका नहीं है जब श्री श्री रविशंकर का राम मंदिर की मध्यस्थता करने को लेकर किसी हिन्दू द्वारा विरोध जताया गया हो। इसके पहले हिन्दू महासभा भी इस मामले को लेकर श्री श्री रविशंकर का विरोध कर चुकी है।

हिंदू महासभा के पदाधिकारियों का कहना था कि मध्यस्थता की बता कहने वाले श्री श्री रविशंकर कभी राम लला के दर्शन के लिए अयोध्या तक नहीं पहुंचे। ऐसे में बिना किसी मजबूत आधार के इस मसले में मध्यस्ता की बात करना अपने आप में हास्यास्पद है। संगठन के अनुसार आध्यात्मिक गुरू 2019 में बीजेपी को जीत दिलाने के लिए इस राम मंदिर मुद्दे को दबाने की पैरवी कर रहे थे।

loading...
शेयर करें