तिरंगे में लिपटकर घर पहुंचा शहीद विजय कुमार का पार्थिव शरीर, 20 जून को होनी थी शादी

फतेहपुर। घटना उत्तर प्रदेश के फतेहपुर के सठिगवां गांव की है जहां पूरा गांव आज सदमे में हैं। बीएसएफ जवान विजय कुमार पांडे की शादी के लिए पूरा गांव जोर शोर से तैयारी कर रहा था, लेकिन उन्हें सदमा तो तब लगा जब अचानक शहीद बेटे की लाश घर पहुंची। जिस घर में बेटे की 20 जून को बारात निकलनी उसी घर में आज उसकी चिता को आग लगाई जाएगी। नम आंखों से परिवार के साथ गांव वालों ने भी शहीद जवान को श्रद्धांजलि दी, लिहाजा उन्हें अपने शहीद जवान बेटे पर गर्व है।

शहीद बेटे की लाश को देखकर पूरे गांव में गुस्से का भी माहौल है। उन सभी का यही सवाल है कि आखिर देश दुश्मनों को करारा जवाब क्यों नहीं दे रहा है। गुस्सा जाहिर करते हुए गांव वालों ने कहा है कि पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। जानकारी के मुताबिक आने वाली 15 जून को विजय का तिलक था और 20 जून को शादी। ऐसे में पूरा गांव इस सदमे को बर्दाशत नहीं कर पा रहा है। कहा जा रहा है शनिवार को विजय की बात उसके पिता से हुई थी जिसमें उन्होंने नाराज़गी जाहिर करी थी कि, शादी का घर है काम है तुम्हें अब आ जाना चाहिए। जिस पर विजय ने कहा था कि चिंता न करें वह 10 जून तक आ जाएगा।  जिसके बाद से घरवाले अपने बेेटे का इंतजार करने लगे, उन्हें क्या पता कि किस्मत को कुछ और ही मंजूर है।

कब घटी घटना-
विजय कुमार पांडेय जम्मू कश्मीर के अखनूर सेक्टर के परगवाल इलाके में देश के सरहद की निगहबानी में लगे थे। तभी रविवार देर रात पाकिस्तानी रेंजर्स की ओर से की गई फायरिंग की चपेट में आ गये। पाकिस्तानियों की इस कायराना हरकत के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। लेकिन यहां पर उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

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