भारत लौटना चाहता है विजय माल्या, सरकार के इस कानून ने किया मजबूर

नई दिल्ली: बैंकों से करीब 9 हजार करोड़ रुपये कर्ज लेकर देश से फरार होने वाला उद्योगपति विजय माल्या अब भारत वापस लौटना चाहता है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, माल्या ने केंद्रीय एजेंसियों और सरकार को ऐसे संकेत दिये हैं। अगर वह वापस देश लौटता है तो लोन डिफॉल्ट और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में उसे वित्तीय अपराधों से जुड़े मुकदमें झेलने होंगे. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सूत्रों के हवाले से ये खबर आई है।

ईडी सूत्रों से मिली खबर के मुताबिक, सरकार के डिफॉल्टरों की संपत्ति को नए कानून के तहत जब्त करने के फैसले के चलते विजय माल्या देश वापसी को मजबूर हो गया है. आपको बता दें कि माल्या के खिलाफ लंदन की अदालत में भारत सरकार की ओर से प्रत्यर्पण का मामला चल रहा है। माल्या ने 2016 में भारत छोड़ दिया था. उन पर बैंकों का करीब 9000 करोड़ रुपये का कर्ज है. वहीं, ईडी ने नए कानून के तहत माल्या की 12,500 करोड़ की संपत्ति को जब्त किए जाने की मांग की है.

दरअसल, भगोड़े वित्तीय अपराधियों के लिए लाए गए कानून के तहत कोर्ट को ये अधिकार मिला है कि वे भगोड़े की संपत्ति जब्त करने का आदेश दे सकते हैं. मुंबई के कोर्ट में नए कानून का सामना करने वाले माल्या पहले व्यक्ति हैं. इससे पहले पिछले महीने ईडी ने मुंबई के कोर्ट से मांग की थी कि माल्या को नए कानून के तहत भगोड़ा घोषित कर दिया जाए.

हालांकि, भारत लौटने की इच्छा जाहिर को लेकर विजय माल्या की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी या ट्वीट नहीं आया है। वहीं हाल ही में इंग्लैंड द्वार भगोड़े माल्या के प्रत्यर्पण किये जाने के प्रयासों का विरोध किया था. उधर, पिछले महीने कर्नाटक हाईकोर्ट में चल रहे मुकदमे के दौरान माल्या की ओर से सभी कर्ज चुकाने की बात कही गई थी. बाद में उन्होंने रायटर्स से कहा था कि कोर्ट के सामने 13,700 करोड़ की संपत्ति का ब्योरा दिया गया जिससे कर्ज चुकाया जा सकता है.

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