विजयन ने कहा अपने निजी काम के लिए पुलिसकर्मियों का नहीं होगा इस्तेमाल  

तिरुवनंतपुरम: केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने सोमवार को यह स्पष्ट किया कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को उनके निजी कामों के लिए पुलिसकर्मियों से सेवा लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। विजयन सदन में कांग्रेस विधायक के.एस. सबरीनाथ द्वारा दाखिल प्रश्न का जवाब दे रहे थे।

पिनरई विजयनविजयन ने कहा कि इसकी शुरुआत ब्रिटिश काल में हुई थी और यह बीते सात दशकों से चला आ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा, “इस मामले को अब गंभीरता से लिया जा रहा है। कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

उन्होंने कहा, “सभी लोगों के मूलभूत मानवाधिकारों की रक्षा की जाएगी और हम वादा करते हैं कि सरकार किसी भी उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं करेगी।” राज्य में मौजूदा समय में लगभग 2000 पुलिसकर्मी अधिकारियों के घरों पर तैनात हैं और प्राय: उन्हें अधिकारियों के घरों के भी काम करने पड़ते हैं।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सुदेश कुमार को शनिवार को उनके और उनके परिजनों द्वारा खराब व्यवहार और कानून का उल्लंघन करने की वजह से तबादला कर दिया गया था। कुमार सशस्त्र पुलिस बटालियन के प्रमुख भी हैं।

आरोप लगाया गया था कि पिछले सप्ताह कुमार की बेटी और पत्नी ने उनके आधिकारिक वाहन के चालक पुलिसकर्मी गावस्कर के साथ दुर्व्यवहार किया था। कुमार की बेटी पर आरोप है कि उन्होंने गावस्कर को गाली दी थी और मोबाइल फोन से उसकी पिटाई की थी। कुमार की बेटी ने ऐसा इसलिए किया था, क्योंकि उन्हें लेने आने में गावस्कर को देरी हो गई थी। गावस्कर अभी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती है।

विधायक सबरीनाथ ने कहा कि गावस्कर और परिजन उनके विधानसभा क्षेत्र से आते हैं। उन्होंने कहा, “इस बात का अब पता चल गया है कि महिला ने गावस्कर की अपने मोबाइल फोन से उसके आंख और गर्दन के नीचे सात बार पिटाई की..पुलिस ने 10 घंटे बाद उसका बयान दर्ज किया, जबकि पुलिस ने पहले अधिकारी की बेटी का बयान लिया।”

विजयन ने सदन को बताया कि अपराध शाखा के अधिकारी इस मामले की जांच कर रहे हैं। विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथला ने कहा कि मामले को अनिश्चितकाल के लिए नहीं खींचा जाना चाहिए, जिसपर मुख्यमंत्री ने कहा, “जांच में बेवजह की कोई भी देरी नहीं होगी।”

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