उत्तरी त्रिपुरा में हिंसा भड़कने से तनाव बढ़ा, दो की मौत, 32 घायल

अगरतला: उत्तरी त्रिपुरा के पानीसागर में NH-8 पर संयुक्त आंदोलन समिति के कार्यकर्ताओं और सुरक्षाबलों के झड़प हुई। झड़प में एक और नागरिक की मौत हो गई है। और इस झड़प में 6 पुलिसकर्मी, 8 दमकलकर्मियों और 18 नागरिकों समेत 32 अन्य घायल हो गए।

अग्निशमन कर्मी को पीटकर मार डाला

झड़प के दौरान उग्र प्रदर्शनकारियों ने खाकी वर्दी धारी अग्निशमन कर्मी विश्वजीत देववर्मा को पुलिसकर्मी समझ कर उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। और बाद में उसे मरा समझकर सड़क पर फेंक दिया। अस्पताल में भर्ती कराने पर विश्वजीत को मृत घोषित कर दिया गया।

मजिस्ट्रेट जांच के आदेश

त्रिपुरा सरकार ने पूरी घटना की मजिस्ट्रेट से जांच कराने की घोषणा की है। सरकार ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये सहायता राशि देने और घायलों के मुफ्त इलाज कराने की भी बात कही है। जिला प्रशासन ने पानीसागर और कंचनपुर के इलाकों में अगले आदेश तक निषेधाज्ञा लागू कर दी है।

दूसरी ओर समाज कल्याण मंत्री संतन चकमा और विधानसभा के उपाध्यक्ष विश्वबंधु सेन इस विवाद को सुलझाने के लिए जेएमसी नेताओं के साथ बातचीत करेंगे। सड़क जाम के दौरान हिंसा तब भड़क उठी जब मिजोरम के 6000 ब्रू परिवारों के पुनर्वास करने के त्रिपुरा सरकार की योजना के खिलाफ जेएमसी की ओर से पिछले छह दिनों से चलाये जा रहे आंदोलन का एक हिस्सा है। जेएमसी में मिजो और बंगाली भी शामिल हैं।

उत्तरी त्रिपुरा में भड़की सांप्रदायिक हिंसा को देखते मुख्यमंत्री विप्लव कुमार देव और उपमुख्यमंत्री जिश्नु देव वर्मा का प्रस्तावित दिल्ली दौरा स्थगित कर दिया गया है। दोनों नेता अब जेएमसी नेताओं के साथ बैठक करेंगे। जो कंचनपुर में 6,000 ब्रू परिवारों के पुनर्वास की राज्य सरकार की योजना का विरोध कर रहे हैं।

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