अभी-अभी : चुनाव से पहले कांग्रेस पर आई नई आफत, सोनिया से आर-पार की लड़ाई को तैयार ये मुख्यमंत्री

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शिमला। कांग्रेस की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। आए दिन नई मुसीबतें सामने आ रही हैं। पहले नीतीश कुमार ने गठबंधन तोड़ा तो कांग्रेस का 2019 जीतने का थोड़ा मुश्किल हो गया। वहीं अब एक और बड़ी मुसीबत सामने आ रही है।

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हाल ही में गुजरात में कांग्रेस के कुछ नेताओं ने बगावत दिखाते हुए बीजेपी का दामन था लिया था। हर राज्य में कांग्रेस लगातार घट रही है। लेकिन अब जो खबर आ रही है उससे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को झटका लग सकता है। कांग्रेस राज्य के एक मुख्यमंत्री पार्टी से बगावत करने की ओर जा रहे हैं। वह सोनिया गांधी से आर-पार की लड़ाई को तैयार हैं।

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आय से अधिक संपत्ति का मामला, कोटखाई गैंगरेप केस की काली छाया और अपनी बढ़ती उम्र हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के सामने है। ऐसे मुद्दे बनकर उभरे हैं कि उन्हें अपने राजनीतिक जीवन की आखिरी पारी में बगावत करने को मजबूर कर रहे हैं। यही वजह है कि अब वीरभद्र सिंह अपनी पार्टी अध्यक्ष के खिलाफ आर-पार की लड़ाई के मूड में आ गए हैं। वीरभद्र सिंह के लिए हालात इन दिनों कुछ अनुकूल नहीं चल रहे हैं। एक विपदा हटती है तो दूसरी तैयार हो जाती है।

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इन दिनों दिल्ली में डेरा जमाए वीरभद्र सिंह जब शिमला से दिल्ली गए तो वो अपने साथ पार्टी के मौजूदा 35 विधायकों का समर्थन लेकर गए, लेकिन दिल्ली पहुंचते ही उनकी तादाद मात्र 14 रह गई। यानि 21 विधायकों की पार्टी के आलाकमान को एक अलग से पत्र भेजकर कह दिया गया है कि इस दौर में पार्टी अध्यक्ष को बदला ना जाए। हिमाचल कांग्रेस में चल रहा घमासान लगातार बढ़ता जा रहा है।

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बहरहाल, पाटी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी दोनों टूर पर हैं। ऐसे में राजनीतिक सलाहकार अब चुनावी बेला पर हाइकमान को क्या सलाह देते हैं, ये समय बताएगा। बताया जाता है कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने प्रदेश पार्टी मामलों के प्रभारी सुशील कुमार शिंदे से भी फोन पर बातचीत की है। उधर, वीरभद्र सिंह समर्थक 35 विधायकों के सीएम के साथ होने का दावा तो कर रहे हैं। लेकिन सुक्खू के समर्थन में पत्र पे पत्र लिखने वाले 21 विधायक होने की बात से बेखबर हैं। वीरभद्र सिंह समर्थकों का कहना है कि विधायक दल की बैठक में चूंकि 27 विधायक ही मौजूद थे।

बिहार में भी कांग्रेस के लिए बुरी खबर आ रही है। बिहार में टूट की खबर से पार्टी आलाकमान नाराज है। आलाकमान को ऐसी खबर मिल रही है कि सदानंद सिंह पार्टी में टूट को हवा दे रहे हैं और उनके आवास पर नाराज विधायकों की लगातार बैठकों का दौर जारी है। बता दें बिहार में नीतीश और बीजेपी की सरकार आने के बाद कांग्रेस के लिए अपने विधायकों को बचाए रखना एक बड़ी चुनौती है, लेकिन पार्टी के बड़े नेताओं की इसकी फिक्र नहीं सता रही हैं।

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