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अमेरिका जाने से पहले रखें इन बातों का ध्‍यान

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वाशिंगटन। तेलुगू एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका (टीएएनए) ने अमेरिका के हवाईअड्डों पर सुरक्षा के इंतजाम और कड़े होने के मद्देनदर अमेरिका आने वाले भारतीय छात्रों से पहले से ही हर तरह की जानकारी लेकर आने की सलाह दी है। यह सलाह इस आशय की खबरों के बीच आई है कि रविवार को 20 और भारतीय विद्यार्थियों को शिकागो से वापस स्वदेश भेज दिया गया।

टीएएनए के अध्यक्ष वी.चौधरी जम्पाला ने एक बयान में कहा कि इस संकट के समाधान के लिए टीएएनए के पदाधिकारी भारतीय और अमेरिकी अधिकारियों से बात कर रहे हैं।

जम्पाला ने कहा, “हमें नहीं लगता कि अमेरिका के आव्रजन नियम-कानून का सम्मान करने वाले ईमानदार भारतीय छात्रों के लिए किसी तरह की कोई दिक्कत है।”

टीएएनए ने कहा है कि नए एफ-1 वीजा पर अमेरिका आने वाले सभी छात्रों की हवाईअड्डों पर कड़ी जांच की जा रही है। इनमें से ज्यादातर को अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों को दस्तावेज आदि के मामले में संतुष्ट करने के बाद आने दिया जा रहा है।

लेकिन, कुछ ऐसे विद्यार्थी भी हैं जिन्हें संतोषजनक जवाब नहीं दे पाने की वजह से वापस स्वेदश भेज दिया जा रहा है। ये अमेरिकी अधिकारियों को नहीं बता पाते कि वे क्या पढ़ने आए हैं, कहां टिकने वाले हैं और अपने खर्चो को कैसे पूरा करने वाले हैं।

इनमें से कुछ अधिकारियों से कहते हैं कि वे ‘पार्ट टाइम जाब’ कर लेंगे लेकिन इन्हें नहीं पता होता कि कानूनन उन्हें इसकी इजाजत नहीं है।

ऐसे भी मामले सामने आए हैं, जिनमें दस्तावेजों को सत्यापित नहीं किया जा सका और जिनके बारे में फर्जी होने का संदेह पैदा हुआ।

जम्पाला ने विद्यार्थियों और उनके परिजनों से आग्रह किया है कि वे इस बात को समझें कि विद्यार्थी वीजा केवल पढ़ाई के लिए होता है, काम करने के लिए नहीं। बहुत चुनिंदा मामलों में ही शिक्षण संस्था की सहमति से एफ-1 वीजाधारक को कोई काम करने की अनुमति मिलती है।

भारत ने आधिकारिक रूप से अपने कुछ विद्यार्थियों को वापस भेजने पर सवाल उठाया है। इनमें से अधिकांश का संबंध आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से है।

भारतीय दूतावास ने यह मामला अमेरिका के विदेश विभाग, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद और होमलैंड सुरक्षा विभाग के सामने उठाया है।

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