शांति और सुकून के लिए करें इन धार्मिक स्थलों की यात्रा, जुटते हैं लाखों लोग

जिंदगी की भागदौड़ के बीच कई बार हमारा मन करता है कि किसी ऐसी जगह घूम आएं, जहां मन को शांति मिल सके।

दरअसल, धार्मिक यात्राओं के जरिए न केवल आप खुद को ईश्वर के करीब महसूस करते हैं, बल्कि यह अपने आप को सकारात्मक ऊर्जा से भरने का भी जरिया होता है। आपने भी अपने माता-पिता, बच्चों, परिवार के साथ धार्मिक यात्राएं की होंगी।

वैष्णो देवी, जम्मू और कश्मीर

वैष्णो देवी की गुफा और अंदर का मनोहारी दृश्य सम्पूर्ण विश्व में प्रसिद्ध है। वैष्णो देवी मंदिर जम्मू से लगभग 42 किलोमीटर दूर कटरा नामक स्थान पर स्थित है। वैष्णो देवी मंदिर हज़ारों लाखों की आस्थाओं की धरोहर जम्मू कश्मीर में है। मंदिर के पिंड एक गुफा में स्‍थापित है, गुफा की लंबाई 30 मी. और ऊंचाई 1.5 मी. है।

अजमेर शरीफ, अजमेर

जयपुर से करीब 132 किलोमीटर दूर अजमेर सूफी संत ख़्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के लिए प्रसिद्ध है। हजरत ख्वाजा मोईनुद्‍दीन चिश्ती रहमतुल्ला अलैह एक ऐसा पाक शफ्फाक नाम है जिसे मात्र सुनने से ही रूह को सुकून मिलता है। यहाँ आने वाले जायरीन चाहे वे किसी भी मजहब के क्यों न हों ख्वाजा के दर पर दस्तक देने के बाद उनके जहन में सिर्फ अकीदा और लबों पर शांति अमन का पैगाम ही बाकी रहता है।

स्वर्ण मंदिर, अमृतसर

शुद्ध सोने से बना सिखों का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल स्वर्ण मंदिर के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर अमृतसर नगर के बीचोबीच है। इसे दरबार साहिब भी कहा जाता है। अमृतसर में स्थित इस मंदिर को सबसे पहले 16वीं शताब्दी में 5वें सिक्ख गुरू अर्जुन देव जी ने बनवाया था। 19वीं शताब्दी की शुरुआत में महाराजा रणजीत सिंह ने इस गुरुद्वारे की ऊपरी छत को 400 किग्रा सोने के वर्क से ढंक दिया। जिससे इसका नाम स्वर्ण मंदिर पड़ा।

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