बिहार विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण में वोटिंग जारी, कई दिग्गजों की किस्मत का होगा फैसला

बिहार के कई दिग्गज नेता यहां की सीटों से चुनावी मैदान में हैं। बिहार में आज हो रहे मतदान में करीब 2.34 करोड़ जनता सत्ताधारी पार्टी और विपक्षी पार्टी, गठबंधन के राजनैतिक किस्मत का फैसला करेगी।

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण का चुनाव मतदान आज सुबह शुरू हो गया है। अंतिम चरण के मतदान बिहार विधानसभा की कुल 78 सीटों पर मतदान होना है जो कि बिहार के कुल 15 जिलों में आता है। 78 सीटों पर होने वाले विधानसभा चुनाव में सबकी नजर राज्य के सत्तारूढ़ पार्टीयों पर टिकी हुई है। बिहार के कई दिग्गज नेता यहां की सीटों से चुनावी मैदान में हैं। बिहार में आज हो रहे मतदान में करीब 2.34 करोड़ जनता सत्ताधारी पार्टी और विपक्षी पार्टी, गठबंधन के राजनैतिक किस्मत का फैसला करेगी।

विधानसभा स्पीकर के साथ कई दिग्गज मैदान में

तीसरे और अंतिम चरण के चुनाव में कई सीटों पर राज्य मंत्रिमंडल के 12 सदस्य चुनावी मैदान में हैं जिनमें विधानसभा के स्पीकर भी शामिल हैं। 78 सीटों पर कुल 1204 उम्मीदवार चुनाव में अपनी किस्मत आजमां रहें हैं।

अंतिम चरण में हैदराबाद सासंद ओवेसी के भी प्रत्याशी चुनावी मैदान में

इन सीटों में अधिकतम सीटें उत्तर बिहार की और गंगा नदी के उत्तर की सीटें हैं। हैदराबाद के सांसद ओवैसी ने इस बार बिहार की राजनीति में अपना पासा फेंका है। कोसी-सीमांचल सीट पर हैदराबाद के सांसद और एआईएमआईएम के मुखिया असद्दुदीन ओवैसी की अच्छी पकड़ बतायी जा रही है।

इसका एक कारण यह भी है कि सीमांचल के इस क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय के लोगों की अधिकता है। यहां पर एनडीए और गठबंधन के बीच हो रहे कांटे के मुकाबले में ओवैसी दोनों गठबंधनों का खेल बिगाड़ सकते हैं।

पप्पू यादव का है कोसी क्षेत्र में अच्छा प्रभाव

कोसी-सीमांचल क्षेत्र में जन अधिकार पार्टी के नेता पप्पू यादव भी चुनाव लड़ रहे हैं। इस क्षेत्र में यादव बाहुल्य होने के कारण यहां पर पप्पू यादव का अच्छा प्रभाव माना जा रहा है। वहीं चिराग पासवान की पार्टी इस बार एनडीए से अलग होकर अकेले चुनाव लड़ रही है जो राष्ट्रीय जनता दल का खेल बिगाड़ सकती है।

बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार एनडीए और विपक्षी महागठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला है। चुनाव प्रचार में प्रत्येक पार्टी ने अपनी पूरी ताकत के साथ बिहार की जनता को लुभाने की कोशिश की है। अब देखना यह होगा कि बिहार की जनता ने किस पार्टी के किस्मत में क्या लिखा है।

 ये भी पढ़ें : अमेरिका चुनाव: नेवादा में रिपब्लिकन पार्टी का मुकदमा खारिज, कंप्यूटर सॉफ्टवेयर को चुनौती

Related Articles

Back to top button