बेहद कमजोर मध्य एशियाई देश Kyrgyzstan में नए संविधान के लिए वोटिंग आज, बढ़ेंगी राष्ट्रपति की शक्तियां

बिश्केक :  Kyrgyzstan में नया संविधान लागू होने जा रहा है। जिसके पक्ष-विपक्ष में रविवार को वोटिंग होनी है। जानकारों की माने तो अगर यह संविधान लागू होता है तो इससे इस कमजोर मध्य एशियाई देश में राष्ट्रपति की शक्तियों में काफी बढोत्तरी होगी। आप को बताते चलें की हाल ही में जनता ने पिछले राष्ट्रपति को पद हटा दिया था।

जानकारों की माने तो पिछले पन्द्रह सालों में अब तक बेहद अस्थिर किर्गिस्तान के तीन प्रेसिडेंटस को देश में हुई बगावत के बाद अपना पद छोड़ना पड़ा है। इसी वजह से यह नया संविधान लाया गया है। ताकि राष्ट्रपति की ताक़त में इज़ाफ़ा हो सके। जनवरी के चुनाव में जिसमे ज़ारप्रोव को देश की कमान सौंपी गई इसी चुनाव में मतदाताओं ने एक जनमत संग्रह को भी मंजूरी दी कि क्या राष्ट्रपति की शक्तियों में वृद्धि की जानी चाहिए।

सिकुड़ जाएगी Kyrgyzstan की संसद

जानकारों की माने तो इस प्रस्तावित नए संविधान से देश की संसद का आकार 25% तक कम हो जाएगा और इसी के साथ साथ  राष्ट्रपति को इस से न्यायाधीशों और लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों के प्रमुखों को नियुक्त करने की शक्ति मिलेगी।

देश की एक सोने की खदान को लेकर हुए विवाद में एक गवर्नर को अगवा करने के जुर्म में ज़ारप्रोव पिछले साल जेल की हवा खा चुके हैं। जिसके बाद अक्टूबर में हुए इलेक्शन में धांधली का आरोप लगा कर लोगों ने प्रोटेस्ट शुरू कर दिए जिसके बाद तब की सरकार को ज़ारप्रोव को छोड़ना पड़ा। जानकारों की माने तो इलेक्शन तो बहान था इस प्रोटेस्ट का असल मक़सद ज़ारप्रोव की रिहाई था।  ज़ारप्रोव की आज़ादी के लिए हुए इस प्रोटेस्ट से तत्काल राष्ट्रपति सोरोनबाई जेनेबकोव की सरकार गिर गई और लोगों ने ज़ारप्रोव  को देश का इंटरिम लीडर घोषित कर दिया था।

यह भी पढ़ें :  वेल्टरवेट क्लैश : कॉनर बेन ने सैमुअल वर्गास को पहले ही Round में चटाई धूल

 

Related Articles