Taliban government में जंग, नेटवर्क के नेता से कहासुनी के बाद बरादर ने काबुल छोड़ा

Afghanistan पर Taliban के कब्जे को एक महीने हो चुके हैं और अब अंतरिम सरकार भी बन चुकी है, मगर तालिबानी आतंकियों के शीर्ष नेतृत्‍व में अब आपस में ही ‘जंग’ शुरू हो गई है

काबुल: Afghanistan पर Taliban के कब्जे को एक महीने हो चुके हैं और अब अंतरिम सरकार भी बन चुकी है, मगर तालिबानी आतंकियों के शीर्ष नेतृत्‍व में अब आपस में ही ‘जंग’ शुरू हो गई है, हालाकिं तालिबान सरकार में डिप्टी प्रधानमंत्री मुल्ला अब्दुल गनी बरादर और हक्कानी नेटवर्क के खलील उर-रहमान के समर्थक आपस में भिड़ गए और दोनों के बीच कहासुनी इतनी बढ़ गई है कि बरादर के काबुल छोड़ने की खबर आग की तरह फैल गयी।

 

जानें एक वरिष्ठ तालिबानी नेता ने क्या कहा

खबरों की मानें तो एक वरिष्ठ तालिबानी नेता के हवाले से ये बताया गया है कि काबुल के राष्ट्रपति कार्यालय में अंतरिम कैबिनेट को लेकर दोनों नेताओं के बीच बहस हुई थी और 15 अगस्त को काबुल पर कब्जे के बाद से ही तालिबान और हक्कानी समूहों के बीच नेतृत्व और सरकार गठन को लेकर संघर्ष चल रहा है और इसलिए सरकार बनाने में देरी हो रही थी। खबरों के मुताबिक बरादर और हक्कानी के बीच तीखी बहस हुई है। इसके अलावा उनके समर्थकों के बीच भी झड़प हुई है और कतर में स्थित इस पूरे मामले की जानकारी रखने वाले एक और तालिबान सदस्य ने कहा है कि दोनों के बीच बीते सप्ताह बहस हुई थी।

 

जानें क्या है विवाद की वजह

तालिबानी नेतृत्‍व का मानना है कि उन्‍हें अमेरिका पर जीत कूटनीति की वजह से मिली है और उधर हक्‍कानी नेटवर्क का दावा है कि हमें अफगानिस्‍तान पर जीत युद्ध के जरिए मिली है जिसमें मुल्‍ला बरादर कतर की राजधानी दोहा में तालिबान के राजनीतिक कार्यालय का प्रमुख था और यही पर अमेरिका और तालिबान के बीच बातचीत शुरू हुई और अंत में समझौता हुआ। पहले चर्चा थी कि बरादर ही पीएम बनाया जाएगा मगर अब मुल्ला हसन अखुंद को पीएम बनाया गया और बरादर को डिप्टी पद से ही संतोष करना पड़ा।

इसके बाद मुल्‍ला बरादर और हक्‍कानी नेटवर्क के बीच विवाद बढ़ने की खबरें तेज हो गईं और मुल्‍ला बरादर के लापता होने की खबर को उस समय हवा मिली जब कतर के विदेश मंत्री की बेहद अहम यात्रा के दौरान मुल्‍ला बरादर नहीं दिखाई दिया अब अफगानिस्‍तान के वरिष्‍ठ पत्रकार हिज्‍बुल्‍ला खान कहते हैं कि इस पूरे विवाद की जड़ में अमेरिका पर जीत की वजह है।

 

यह भी पढ़ें: पुलिस हुई रसिया, महिला फरियादियों की देखते खूबसूरती, प्रार्थनापत्र पर डाला नंबर तो…

(Puridunia हिन्दी, अंग्रेज़ी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम और यूट्यूब  पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं)..

 

Related Articles