ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों का खजाना है वरंगल, पर्यटकों को करती हैं आकर्षित

तेलंगाना के प्रमुख शहरों में से एक है वारंगल जो अपनी पुरातन और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। यहां एक तरफ तो कई मंदिर है, किले हैं तो यहां तालाब और झरने भी है जहां आप सुकून भरे पल बिता सकते हैं।

तेलंगाना के इस शहर की यात्रा आपको जीवन में एक बार तो करनी ही चाहिए। यहां आप वरंगल का किला, हजार खंभों वाला प्रसिद्ध मंदिर और बहुत कुछ देख सकते हैं। वरंगल में कई ऐतिहासिक धरोहरों को आप देख सकते हैं और उन्हीं में से एक है ये वरंगल का किला। ये 13 वीं सदी में निर्मित हुआ था और इसकी स्थापत्य कला देखते ही बनती है।

कितनी ही बार इस किले पर आक्रमण हुआ फिर भी इसकी स्थापत्य कला जस की तस बनी रही। इतिहास के प्रति रुचि रखने वालों को तो यहां जरूर जाना चाहिए। इस मंदिर के नाम से भी वरंगल को पहचाना जाता है। एक तरह से कहें तो ये वरंगल की पहचान ही बन चुका है और इसे देखने के लिए लोगों का तांता लगा ही रहता है। यह मंदिर हनमकोंडा पर्वत पर स्थित है। इसे श्री रुद्रेश्वर स्वामी मंदिर के तौर पर भी जाना जाता है।

यहां का जैन मंदिर भी काफी प्रसिद्ध है और इसे भी अपनी स्थापत्य कला के लिए ही जाना जाता है। यहां दिवारों पर भी बेहतरीन कलाकारी उकेरी गई है जिसे देखकर बड़ा अच्छा लगता है।

भद्रकाली मंदिर वरंगल और हनमकोंडा के बीच स्थित है। यहां हर साल लाखों लोग आते हैं और माता भद्रकाली के दर्शन करते हैं पर अगर आप भी यहां जाएं तो माता भद्रकाली के साथ ही भद्रकाली तालाब जाना न भूलें।

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