पश्चिम बंगाल में टीएमसी और बीजेपी के बीच सियासी घमासान , जानें क्या है वजह

नईदिल्ली: पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बीच शुरू हुआ सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। कार्यकर्ताओं की हत्या के बाद अब दोनों पार्टियां एक बार फिर आमने-सामने है। इस बार बीजेपी कार्यकर्ता सड़क पर नमाज पढ़ने के खिलाफ हैं और मंगलवार को बीजेपी कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठक कर हनुमान चालीसा का पाठ किया।


बंगाल के हावड़ा के बाली खाल के नजदीक मंगलवार देर रात बीजेपी युवा मोर्चा के अध्यक्ष ओम प्रकाश और प्रियंका शर्मा के नेतृत्व में पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ किया। बीजेपी के हनुमान चालीसा पाठ के चलते कई घंटों तक रास्ता बंद रहा और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

बीजेपी युवा मोर्चा हावड़ा के अध्यक्ष ओपी सिंह का कहना है कि ममता बनर्जी के शासन में हमने देखा है कि ग्रांट ट्रंक रोड और अन्य प्रमुख सड़कों को शुक्रवार को नमाज के लिए बंद कर दिया जाता है। इससे मरीजों को अस्पताल पहुंचने में और लोगों को ऑफिस जाने में परेशानी होती है। जब तक यह सब चलेगा। हम भी हर मंगलवार को हनुमान मंदिरों के पास की सड़कों पर हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे।

बंगाल में ‘जय श्री राम’ नहीं बोलने पर मदरसा शिक्षक को चलती ट्रेन से धक्का दिया

पश्चिम बंगाल में एक मदरसे के शिक्षक ने शिकायत दर्ज कराई है कि ‘जय श्री राम’ नहीं बोलने की वजह से कुछ लोगों के एक समूह ने उसे पीटा और चलती ट्रेन से धक्का दे दिया। सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) के एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के 26 वषीर्य मदरसा शिक्षक हफीज मोहम्मद शाहरुख हलदर ने कहा कि उन पर हमला बीती गुरुवार को हुआ, जब वह ट्रेन से कैनिंग से हुगली जा रहे थे। अधिकारी ने बताया, “हलदर ने कहा कि लोगों का एक समूह उनके पास आया और उनसे जय श्री राम कहने के लिए कहा। जब उन्होंने मना किया तो इन लोगों ने उन्हें पीटना शुरू कर दिया और जब ट्रेन पार्क सर्कस स्टेशन में दाखिल हो रही थी, तब उन लोगों ने उन्हें ट्रेन से धक्का दे दिया।”

हलदर की आंख और हाथ पर चोट आई है। अधिकारी ने कहा कि हलदर ने सोमवार को बालीगंज जीआरपीएस में अज्ञात लोगों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

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