वसीम रिजवी पर संपत्ति की हेरा-फेरी का आरोप, CBI ने दर्ज किया मुकदमा

2008 से 2012 तक मायावती की सरकार में शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष रहे वसीम रिज़वी के हाथ में 12 साल तक सूबे की बागडौर रही।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिज़वी के खिलाफ केंद्रीय जांच ने केस दर्ज कर लिया है। सीबीआई ने यह शिकायत उत्तर प्रदेश सरकार की सिफारिश पर दर्ज किया है।  शिया वक्फ की संपत्तियों को गैर तरीके से बेचने के आरोप में सीबीआई ने वसीम रिजवी पर केस दर्ज किया गया है। इसके अलावा उस जमीन के जरिए लाभ पाने वाले नरेश कृष्णा सोमानी, विजय कृष्ण सोमानी, वक्फ बोर्ड के प्रशासनिक अधिकारी गुलाम सैयदेन रिजवी और निरीक्षक बाकर रजा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।

गैर-कानूनी तरीके से संपत्ति को बेचने का आरोप

उत्तर प्रदेश सरकार ने शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिज़वी के खिलाफ जमीन को गैर कानूनी तरीके से बेचने, खरीदने और हस्तानांनतरित करने के लिए सीबीआई से शिकायत की थी की।

वसीम रिजवी 12 साल तक रहे शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष

2008 से 2012 तक मायावती की सरकार में शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष रहे वसीम रिज़वी के हाथ में 12 साल तक सूबे की बागडौर रही। वसीम रिजवी के कुर्सी पर रहने के दौरान कई सरकारे आई और गई।

8 अगस्त 2016 में दर्ज हुआ था पहला केस

वसीम रिज़वी पर संपत्तियों की हेरा फेरी के आरोप में उनके अध्यक्ष काल में ही केस दर्ज किया गया है। 8 अगस्त 2016 को वसीम रिजवी के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले में प्रयागराज में मुकदमा दर्ज किया गया था।

इसके बाद 2017 में लखनऊ के हजरतगंज थाने में कानपुर की संपत्ति की हेरा फेरी मामले में दूसरा केस दर्ज कराया गया था। इन दोनों के आधार पर ही वसीम रिजवी और अन्य लोगों पर एफआईआर फाइल किया गया है।

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