‘जो बिना मूछों के रखते हैं दाढ़ी, वो मुसलमान कट्टर होते हैं, दिखते हैं डरावने’

लखनऊ:  उत्तर प्रदेश शिया केंद्रीय वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने अपने ही समुदाय को लेकर एक ऐसा बयान दिया है जिसकी वजह से वह अन्य मुस्लिम धर्मगुरुओं के निशाने पर आ सकते हैं। दरअसल, वसीम रिजवी ने अपने एक बयान में कहा है कि जो मुसलमान बिना मूछों के दाढ़ी रखते हैं, कट्टरता उनके अंदर ज्यादा होती है। इसके अलावा वो देखने में डरावने भी लगते हैं। वसीम रिजवी का यह बयान उस वीडियो की वजह से सामने आया है, जो इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

इस वीडियो में वसीम रिजवी कहते हुए दिख रहे हैं कि इस्लाम में दाढ़ी रखना परंपरा जरूर है। लेकिन जो मुसलमान बिना मूंछों के दाढ़ी रखते हैं, वे कट्टर होते हैं। वे देश और दुनिया में आतंक के चेहरे के रूप में देखे जाते हैं। वे डरावने दिखते हैं। मूंछें न रखने के पीछे उनका मकसद होता है कि वे लोगों के बीच खौफ पैदा कर सकें।

उन्होंने आगे बताया कि ऐसे मुसलमान शरियत के नाम पर दूसरों की निजी जिंदगी में दखल देते हैं। वे फतवे जारी करते हैं, जिसका इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं है। केरल में हाल ही में एक लड़की को बिंदी लगाने को लेकर मदरसे से निकाल दिया गया था। रिजवी ने उस मामले पर कहा कि शादी के बाद परंपरा के अनुसार, महिलाएं इस देश में बिंदी और सिंदूर लगाती हैं। ऐसी परंपराएं कभी भी हराम (इस्लाम में मना) नहीं हो सकतीं।

रिजवी ने इसके अलावा सरकार से अपील की कि वह फतवा जारी करने वाले मौलानाओं के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज करे। वह बोले कि भारतीय संविधान से इतर आम लोगों के लिए कोई और नियम और कानून नहीं होते हैं। ऐसे में जो मुल्ला फतवा जारी करें, उनके खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज किया जाना चाहिए।

रिजवी ने कहा कि देश में कुछ ऐसे मुसलमान हैं, जो कश्मीर में कुख्यात आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) का झंडा देकर भारत में जिहाद करने का सपना देखते हैं। वे सोचते हैं कि इस तरह से भारत में वे कट्टरपंथी इस्लामिक हुकूमत स्थापित कर लेंगे। भारत में इनकी नापाक विचारधारा बड़े स्तर पर खून खराबे की ओर इशारा करती है।

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