दुश्मनों पर पानी है जीत, तो इस मंत्र का 108 बार करें जाप

आज के दिन धूमावती की पूजा करने से दुश्मनों का नाश होता है। धूमावती दस विद्याओं में से एक हैं। इन्हें तंत्र-मंत्र की देवी कहा जाता है। अगर आप तन-मन से धूमावती देवी की पूजा और उपासना करते हैं, तो बड़ी आसानी के साथ आप अपने दुश्मनों पर विजय पा सकते हैं।

धूमावती

चलिए आज हम धूमावती माता के कुछ खास मंत्रों के बारे में बताएंगे, जिसका जप करने से आप अपने सभी कामों में सिद्धि प्राप्त कर सकते हैं और दुश्मनों से छुटकारा पा सकते हैं।

मंत्र इस प्रकार है-

‘धूं धूं धूमावति ठः ठः स्वाहा।‘

एक बार फिर से सुन लीजिये-

‘धूं धूं धूमावति ठः ठः स्वाहा।‘

आज के दिन धूमावती के इस विशेष मंत्र का जाप करने से आप अपने शत्रुओं पर आसानी से कंट्रोल कर सकते हैं, लेकिन इस मंत्र का जाप करने से पहले आपको धूमावती के यंत्र का निर्माण भी करना जरूरी है, जिससे आपको मिलने वाले लाभ में कई गुना बढ़ोतरी होगी और आपको कई प्रकार की सिद्धियां प्राप्त होगी।

ऐसे करें देवी धूमावती के यंत्र का निर्माण

यंत्र निर्माण के लिए भोजपत्र और अनार की कलम को इस्तेमाल में लाया जाता है।लेकिन अगर आपके पास भोजपत्र और अनार की कलम का न हो, तो आप एक सफेद कोरा कागज और एक लाल पेन लीजिए। अब उस कागज पर लाल पेन की सहायता से सबसे पहले एक त्रिभुज बनाइए। त्रिभुज के ऊपर उल्टी दिशा में एक ओर त्रिभुज बनाइए।

इस प्रकार आपका एक षटकोण तैयार हो जायेगा। अब इस षटकोण के ऊपर, उसकी किनारियों को छूते हुए एक वृत्त बनाइए। अब इस गोले के उपर के आठ पंखुड़ियां बनाइए। इस प्रकार आपका यंत्र बनकर तैयार हो जायेगा यंत्र निर्माण होने के बाद यंत्र के बीचो-बीच देवी धूमावती का मंत्र भी लिखें। मंत्र इस प्रकार है- ‘धूं धूं धूमावति ठः ठः स्वाहा।‘

अब इस यंत्र को अपने घर के मन्दिर में पुष्पों के ऊपर स्थापित करें। इसके बाद विधि-पूर्वक धूप-दीप आदि से उस यंत्र की पूजा करें और उसके बाद यंत्र के सामने दीपक जलाएं। अब वहीं मन्दिर के सामने आसन बिछाकर बैठ जायें और देवी धूमावती के मंत्र का जाप करें- ‘धूं धूं धूमावति ठः ठः स्वाहा।‘

आज के दिन आप इस मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। इस प्रकार आज के दिन यंत्र का निर्माण करके मंत्र जाप करने से आपको अनेकों सिद्धियां प्राप्त होंगी। आपके ऐसा करने से आपके शत्रुओं का नाश हो जाएगा।

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