दमदार एक्टिंग और थ्रिलर से भरपूर है ‘वजीर’

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फिल्म: वजीर

डायरेक्टर: बिजॉय नाम्बियार

स्टार कास्ट: फरहान अख्तर, अमिताभ बच्चन ,अदिति राव हैदरी, मानव कौल, नील नितिन मुकेश ,अंजुम शर्मा और जॉन अब्राहम

रेटिंग: 3 स्टार

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कहानी

यह कहानी है एटीएस ऑफिसर दानिश अली (फरहान अख्तर) की जो अपनी पत्नी रुहाना अली (अदिति राव हैदरी) और बेटी के साथ जिंदगी बिता रहा होता है। दानिश की लाइफ में पंडित ओंकारनाथ धर (अमिताभ बच्चन) की एंट्री होती है जो शारीरिक रूप से ‘दिव्यांग’ हैं और दोनों की जिंदगी में कुछ ऐसी घटनाएं घट जाती हैं जिसकी वजह से वो एक दूसरे की मदद करने पर विवश हो जाते हैं। इसी दौरान उनका मुकाबला दबंग मंत्री एजाद कुरैशी (मानव कौल) से भी होता है। सिलसिलेवार घटनाओं के बीच कई अहम बातों का खुलासा भी होता है और शतरंज के खेल का ‘वजीर’ एक निर्णायक मोहरा बनकर सामने आता है। अब वजीर की क्या है कहानी, इसका पता आपको इस थ्रिलर फिल्म को देखकर ही चलेगा।

स्क्रिप्ट

फिल्म की स्क्रिप्ट को बड़े ही बेहतरीन अंदाज में शतरंज के खेल पर आधारित किया गया है, किस तरह से एक प्यादा ,आखिरी घर में जाकर वजीर बन जाता है, कैसे हाथी अपने सामने वाले सैनिक के धराशायी होते ही पागल हो जाता है, और घोड़े के साथ- साथ ऊँट की चालें कितनी अहम होती हैं; ये सारी बातें इंसानो के रवैये के आधार पर दर्शायी गयी हैं। लेखक अभिजात जोशी ने विधु विनोद चोपड़ा के कांसेप्ट को फिल्म की कहानी में तब्दील कर दिया जो की काफी मुश्किल काम जान पड़ता है। स्क्रिप्ट के साथ साथ इस फिल्म की रफ्तार काबिल ए तारीफ है, एडिटिंग टेबल पर इस फिल्म को मात्र 103 मिनट का बनाया जाना भी सराहनीय है। स्क्रिप्ट लेवल पर फिल्म का हरेक किरदार बखूब सजाया गया है।

एक्टिंग

फिल्म में सभी एक्टर ने बेहतरीन काम किया है। पंडित जी के रोल में व्हील चेयर पर बैठे बिग बी एकदम नैचुरल लग रहे हैं। अपनी बेटी के इंसाफ के लिए इंतजार करता पिता, एक अच्छा दोस्त और एक ब्रिलियंट चेस मास्टर, इन सभी इमोशन्स को अमिताभ ने एक ही किरदार में बखूबी ढाला है। एटीएस ऑफिसर दानिश के रोल में फरहान बिल्कुल फिट बैठते हैं। खासकर एक्शन सीन्स में उनकी बॉडी लैंग्वेज देखने लायक है। फिल्म में विलेन का रोल कर रहे नील नितिन मुकेश आपको चौकाते हैं। हालांकि, उनके हिस्से बेहद कम सीन्स आए हैं। लेकिन इन सीन्स में वो सब पर भारी पड़ते हैं। रुहाना के रोल में अदिति राव हैदरी ने भी अच्छी एक्टिंग की है। आर्मी ऑफिसर के कैमियो रोल में जॉन अब्राहम के पास करने के लिए कुछ खास नहीं था।

निर्देशन

वाकई में बिजॉय नांबियार ने एक्शन, थ्रिलर फिल्म के निर्देशन की कमाल संभालने में कोई कोई कसर बाकी नहीं रखी है। वे इस फिल्म के निर्देशन से दर्शकों को एक तरह की दोस्ती को मसालेदार बनाकर बड़े पर्दे पर दिखाने में सफल भी रहे। हालांकि उन्होंने फिल्म में एक्शन का जबरदस्त तड़का तो जरूर लगाया, लकिन कहीं न कहीं वे थ्रिलर में कुछ और बेहतर कर सकते थे। एक्शन और थ्रिलर में बिजॉय ने वाकई में कुछ अलग करने का भरपूर प्रयास किया है, इसीलिए वे ऑडियंस की वाहवाही लूटने में सफल रहे। भले ही एक-आध जगहों पर इस फिल्म की स्क्रिप्ट थोड़ी डगमगाती नजर आई, लेकिन इसकी कहानी ऑडियंस को आखिर तक बांधे रखने में काफी हद तक सफल रही।

म्यूजिक

फिल्म के सभी गाने अच्छे हैं। ‘तेरे बिन’, ‘अतरंगी यारी’ और ‘मौला’ सॉन्ग तो लोगों की जुबान पर चढ़ चुके हैं। फिल्म का बैकग्राउंट साउंड भी कमाल का है।

देखें या नहीं

अगर आप अमिताभ बच्चन और फरहान अख्तर के फैन हैं और अच्छी कहानियों से लबरेज फिल्मों के प्रेमी हैं, तो ‘वजीर’ जरूर देखें।

 

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