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WB Result: नंदीग्राम से ममता दीदी को मिली हार, जानिए कौन बनेगा CM?

भाजपा की शक्ति में भी इजाफा हुआ है लेकिन ममता बनर्जी विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम में हार चुकी हैं।

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की शानदार जीत हुई है। हालांकि भाजपा की शक्ति में भी इजाफा हुआ है लेकिन ममता बनर्जी विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम में हार चुकी हैं। यहां ममता बनर्जी का मुकाबला भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी से था। सांप सीढ़ी की तरह वोटों की काउंटिंग के बाद अंत में जीत शुभेंदु अधिकारी की हुई। अधिकारी पहले ममता के साथ थे लेकिन अब वे BJP की तरफ से दीदी के सामने खड़े हुए और जाीत भी हासिल की। हालांकि ममता बनर्जी फिर भी मुख्यमंत्री बन सकती हैं। इसमें उन्हें किसी तरह की दिक्कत या बाधा नहीं आएगी

आपको बता दें कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 164 इस बात की अनुमति देता है। अनुच्छेद 164 (4) के मुताबिक एक मंत्री जो लगातार 6 महीने तक विधानमंडल का सदस्य नहीं है उसे यह पद छोड़ना होता है। यानी इसका मतलब है कि ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री बनने के 6 महीने के भीतर किसी विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचना होगा। जिसके बाद वह मुख्यमंत्री पद पर बनी रह सकती हैं। बता दें कि साल 2011 में जब ममता बनर्जी राज्य की मुख्यमंत्री बनी उस दौरान वह सांसद हुआ करती थीं, जिसके कुछ महीने बाद उन्होंने भवानीपुर से चुनाव लड़ा और जीतकर राज्य विधानसभा पहुंची।

भाजपा की ताकत में काफी इजाफा

कांग्रेस पार्टी ( Congress party ) के नेता व कानूनी विशेषज्ञ अभिषेक मनु सिंघवी का इस बार कहना है कि ममता बनर्जी के सीएम बनने व 6 महीने के भीतर चुने जाने पर किसी को भी कानून या नैतिक रूप से आपत्ति नहीं होनी चाहिए। ऐसे में यदि कोई इस बात को मुद्दा बनाता है तो यह उसके भारतीय संविधान के प्रति कम ज्ञान को दर्शाएगा। बता दें कि ममता बनर्जी लगातार तीसरी बार Bengal  की Chief Minister बनने जा रही हैं। हालांकि इस विधानसभा चुनाव में भाजपा की ताकत में काफी इजाफा हुआ है लेकिन भाजपा अपने लक्ष्य को पूरा न कर सकी। इस चुनाव में कांग्रेस और वामदल का सुपड़ा साफ हो गया है जो कि दोनों ही पार्टियों के लिए चिंता का विषय है।

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