मोदी के इस फेसबुक ग्रुप पर रहती है पाकिस्तानी हैकरों की नजर

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लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोशल मीडिया पर दुनिया की सबसे बड़ी शख्सियतों में एक हैं। उनके नाम पर ट्विटर, फेसबुक, वाट्सएप और इंस्टाग्राम पर तमाम ग्रुप्स बने हुए हैं। लेकिन इनमें से कुछ ग्रुप ऐसे भी हैं, जिनसे पाकिस्तान के लोग नफरत करते हैं। कई बार इन्हें हैक करने की कोशिश भी की गई। इनमें से ही एक फेसबुक ग्रुप है we support narendra modi….। साल 2011 में शुरु हुआ यह ग्रुप फेसबुक इंडिया का सबसे बड़ा राजनीतिक ग्रुप है। यहां न सिर्फ मोदी बल्कि देश से जुड़े हर अहम मुद्दे पर लम्बी बहस का दौर चलता है।

we support narendra modi

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इस ग्रुप को चलाने वालों में एक मनीष बंसल बताते हैं, ‘जब we support narendra modi ग्रुप में ढाई लाख मेंबर्स थे, तब कुछ पाकिस्तानी हैकरों ने इस ग्रुप को हैक कर लिया था। हम तमाम कोशिशों के बाद भी इस ग्रुप को बचा नहीं पा रहे थे। आखिरकार हमें सीधे फेसबुक से बात करनी पड़ी। 2012 जनवरी में यह ग्रुप पाकिस्तानी हैकरों से आजाद हुआ। लेकिन इसे बड़ा झटका भी लगा। इसके सारे मेंबर डिलीट किए जा चुके थे। हमने एक बार फिर कोशिश की। सच्ची और अच्छी बहस रंग लाई। अब हम इस ग्रुप में वापस दस लाख लोगों को जोड़ने के करीब हैं।’

 

इस ग्रुप के संस्थापक सदस्य मनीष और बसंत बताते हैं कि हैकरों से ग्रुप को बचाने के बाद हमने तय किया कि किसी को भी एडमिन नहीं बनाया जाएगा। इस ग्रुप को बनाने की वजह बसंत बताते हैं। वह कहते हैं, ‘चार साल पहले हुए अन्ना हजारे के आंदोलन ने हमें झकझोर दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रूप में हमें एक ऐसा शख्स मिला, जो वाकई देश को तरक्की की तरफ मोड़़ सकता था। इसके बाद ही हमने ग्रुप शुरू करने का फैसला लिया।’

मनीष और बसंत we support narendra modi फेसबुक ग्रुप के जरिए लाखों रुपए कमा सकते हैं। इस ग्रुप के दस लाख लोगों तक पहुंच का फायदा कई एड कंपनियां उठाना चाहती हैं। लेकिन दोनों का कहना है कि यह ग्रुप कमाई के लिए नहीं बनाया गया है। हमारे ग्रुप की खूबी युवाओं को तरक्की की दिशा में मोड़ना है। हम किसी भी जाति-धर्म का विरोध नहीं करते। हां, अश्लीलता से भरे पोस्ट हमें नापसंद करते हैं।

 

फेसबुक का सबसे बड़ा राजनीतिक ग्रुप होने का श्रेय we support narendra modi को मिलता है। इस महीने के आखिर तक यह ग्रुप 10 लाख लोगों की संख्या तक पहुंच जाएगा। फिलहाल यह साढ़े नौ लाख लोगों तक पहुंचने के करीब है।

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