WEF 2018 : दावोस में 23 जनवरी को होगा मोदी का भाषण, पाक पीएम से नहीं मिलेंगे

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नई दिल्ली। स्विट्जरलैंड के दावोस में WEF(वल्ड इकॉनामिक फोरम) की बैठक का आयोजन किया जा रहा है। ये बैठक आगामी 23 से 26 जनवरी तक आयोजित की जाएगी। चार दिनों तक चलने वाली इस बैठक में दुनिया भर से विदेशी निवेशक आते हैं। दावोस की पिछली बैठकों में भारत की तरफ से आमतौर पर यहां के वित्तमंत्री ही जाते रहे हैं।

लेकिन इस बार की बैठक में पीएम मोदी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। इसके साथ-साथ वो इसके उद्घाटन सत्र में भारत की तरफ से दुनिया को संबोधित भी करेंगे। औद्योगिकी नीति व सवंर्धन विभाग, डीआईपीपी के सचिव रमेश अभिषेक ने शुक्रवार को बताया कि 20 सालों के बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री पहली बार इस बैठक को संबोधित करेंगे। सीमा पर पाक की गुस्ताखियों को देखते हुए मोदी दावोस में पाक पीएम से नहीं मिलेंगे।

दावोस में कुछ ऐसा रहेगा पीएम मोदी का कार्यक्रम

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार प्रधानमंत्री 23 जनवरी को स्थानीय समयानुसार 11 बजे विश्व आर्थिक मंच, डब्लुईएफ के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे। इसके बाद वे डब्लुईएफ की सहायक इकाई इंटरनेशनल बिजेनस काउंसिल को संबोधित करेंगे। दुनिया की 120 बड़ी कंपनियों के प्रमुख इस काउंसिल के सदस्य हैं। उद्घाटन सत्र में करीब डेढ़ हजार प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। वित्तमंत्री अरुण जेटली सहित छह प्रमुख मंत्री विभिन्न सत्रों को संबोधित करेंगे और भारत केंद्रित गोलमेज सम्मेलनों में भाग लेंगे।

दावोस में पाक पीएम व अमेरिकी राष्ट्रपति से नहीं मिलेंगे मोदी

विदेश मंत्रालय के सचिव(आर्थिक संबंध) विजय गोखले ने 23-24 जनवरी को दावोस में मोदी के प्रवास के दौरान पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी के साथ मुलाकात की संभावना से इन्कार किया। पीएम मोदी का पाक पीएम से न मिलने के फैसले की वजह सीमा पर पाक द्वारा बार-बार सीजफायर का उल्लघंन करना बताया जा रहा है। इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी मोदी की मुलाकात की संभावना कम ही है। क्योंकि दावोस में इन दोनों के अलग-अलग समय पर होने की उम्मीद है।

सीमा पर पाक द्वारा की जा रही गोलाबारी पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि हम पाकिस्तान द्वारा लगातार और अभूतपूर्व संघर्षविराम उल्लंघन की कठोर भत्र्सना करते हैं। जिसमें जानमाल का काफी नुकसान हुआ है। इन घटनाओं में प्रभावित हुए परिवारों के साथ हमारी संवेदनाएं हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान संघर्षविराम का उल्लंघन आतंकवादियों की भारत में घुसपैठ कराने के लिये करता है।

दावोस जाने से पहले मोदी ने दिया जनता को ये संदेश

दावोस यात्रा पर जाने से पहले पीएम मोदी ने इसके बारे में कहा कि यह दुनिया का सबसे बड़ा वित्तीय मंच है और विश्व अर्थव्यवस्थाएं भारत पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। दावोस देश के लिए एक अच्छा अवसर है। दुनिया ने भारत के बाजार और उसकी विशाल क्षमता को पहचानना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि भारत का बाजार दुनियाभर की कंपनियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है, और अब वे सीधे भारत से जुड़ना चाहती हैं।

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