West Bengal Assembly Election: BJP का बढ़ा मनोबल, ‘दीदी’ की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के करीब आने के साथ ही सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस ( TMC ) और उसको टक्कर देने वाली पार्टी भारतीय जनता पार्टी ( BJP ) के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। राज्य विधानसभा चुनावों के लिए दोनों पार्टियां कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। भाजपा और सत्तारूढ़ तृणमूल के बीच ज्यादा से ज्यादा पोस्टर लगाने की होड़ मची हुई है।

साल 2019 के लोकसभा चुनावों से ही BJP ममता बनर्जी के करिश्मे को चुनौती देते हुए सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ मजबूती से सामने आने के प्रयास में जुटी है। बंगाल में अभी तक BJP कभी भी सत्ता में नहीं आई है। लेकिन साल 2019 में लोक सभा चुनावों में पार्टी ने 42 सीटों में से 18 सीटों पर जीत हासिल कर अपना दमखम दिखा दिया था। लोकसभा चुनाव के बाद से BJP का वोट प्रतिशत साल 2016 के 10.16 से बढ़कर 40.64 फीसदी तक हो गया है।

लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद से भारतीय जनता पार्टी के नेताओं का मनोबल और बढ़ गया है। भाजपा दावा है कि पार्टी विधानसभा चुनावों में राजनीतिक रूप से राज्य में ‘दीदी’ के दशक लंबे शासन का खात्मा कर देगी। वहीं इसपर राजनीतिक लोगों की मानना है कि इस चुनावी जंग में ममता बनर्जी के अस्तित्व की लड़ाई होगी क्योंकि BJP खेमे की बंगाल के चुनावी क्षेत्र में मतों की हिस्सेदारी 40 फीसदी तक पहुंच गई है जो सत्ताधारी पार्टी से सिर्फ और सिर्फ तीन फीसदी पीछे है। ऐसे में बंगाल में ममता के लिए बीजेपी बड़ी चुनौती साबित हो सकती है।

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