West Bengal Election: ‘शवों पर राजनीति करने की दीदी की बहुत पुरानी आदत है’

बंगाल के आसनसोल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभा में बोले कि कूचबिहार के टीएमसी नेता को कहा जा रहा है कि मारे गए लोगों के शवों के साथ रैली करो

कोलकाता: पश्चिम बंगाल (West Bengal) विधानसभा की 45 सीटों पर शनिवार को यानी कि आज पांचवें चरण के मतदान हो रहे हैं। इसी बीच बंगाल के आसनसोल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने चुनावी जनसभा को संबोधित किए है। इस दौरान उन्होंने बंगाल कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamta Banerjee) पर जमकर हमला बोला है।

मां-माटी-मानुष की बात

पीएम मोदी ने सभा में कहा, बंगाल (Bengal) में जो सरकारें रहीं, उनके कुशासन ने आसनसोल (Asansol) को कहां से कहां पहुंचा दिया। जहां लोग चाकरी के लिए आते थे, आज यहां से लोग पलायन हो रहे हैं। मां-माटी-मानुष की बात करने वाली दीदी ने यहां हर तरफ माफिया राज पहुंचा दिया है। इस चुनाव में आपका एक वोट सिर्फ टीएमसी (TMC) को साफ नहीं करेगा बल्कि आपका एक वोट यहां से माफिया राज को भी साफ करेगा।

मदद के लिए कानून

PM मोदी ने ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए बोला कि दीदी ने बीते 10 सालों में विकास के नाम पर आपके साथ विश्वासघात किया है, दीदी विकास के हर काम में दीवार बनके खड़ी हो गईं। केंद्र सरकार ने 5 लाख के मुफ्त इलाज की सुविधा दी तो दीदी दीवार बन गईं, केंद्र ने शरणार्थियों की मदद के लिए कानून बनाया तो दीदी इसका भी विरोध करने लगीं।

कूचबिहार मामले पर ऑडियो टेप

पीएम मोदी ने कूचबिहार (Cooch Behar)  मामले पर बोले कि, कूचबिहार में जो हुआ, उस पर कल एक ऑडियो टेप (Audio tape) आपने सुना होगा। 5 लोगों की दुखद मृत्यु के बाद दीदी किस तरह राजनीति कर रही हैं, ये इस ऑडियो से सामने आता है। इस ऑडियो में कूचबिहार के टीएमसी नेता को कहा जा रहा है कि मारे गए लोगों के शवों के साथ रैली करो।

कोरोना पर पिछली दो बैठकों में बाकी मुख्यमंत्री आए, लेकिन दीदी नहीं आईं। नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल में बाकी मुख्यमंत्री आए, लेकिन दीदी नहीं आईं। मां गंगा की सफाई के लिए देश में इतना बड़ा अभियान शुरू हुआ लेकिन दीदी उससे संबंधित बैठक में भी नहीं आईं। दीदी, वोटबैंक के लिए कहां तक जाएंगी आप? सच्चाई ये है कि दीदी ने कूचबिहार में मारे गए लोगों की मृत्यु से भी अपना सियासी फायदा करने की सोची। शवों पर राजनीति करने की दीदी को बहुत पुरानी आदत है।

प्रधानमंत्री ने कहा दीदी की आंखों पर अहंकार का पर्दा चढ़ा हुआ है। दीदी की राजनीति सिर्फ विरोध और गतिरोध तक सीमित नहीं है बल्कि दीदी की राजनीति प्रतिशोध की खतरनाक सीमा को भी पार कर गई है। बीते 10 साल में बीजेपी (BJP) के अनेक कार्यकर्ताओं की हत्या की गई है। किसी की दुखद मृत्यु पर, दीदी की संवेदना भी वोटबैंक का फिल्टर लगाकर ही प्रकट होती है। दीदी, पश्चिम बंगाल आपकी दुर्नीति से ही परेशान नहीं है, बल्कि बंगाल को आपकी नीयत पर भी शक है।

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